आरोग्य भारती

दिंनाक: 29 Sep 2016 18:26:38

आरोग्य भारती

केन्द्रीय कार्यालय – ई-4/55, अरेरा कालोनी, भोजपुर क्लब के सामने

भोपाल म.प्र. – 462 016

दूरभाष – 0755 2425108 मोवाईल – 9827049833

ईमेल -  [email protected]

वेबसाइट – arogyabarati.org

धर्मार्थकाममोक्षाणाम आरोग्यं मूलमुत्तमं

धर्म, अर्थ, काम एवम मोक्ष इन चतुर्विध पुरुषार्थों का आरोग्य ही मूल कारण है | स्वस्थ व्यक्ति के द्वारा ही राष्ट्र समृद्ध एवम गौरवशाली बन सकता है | इसी चिंतन को ध्यान में रखकर 2 नवम्बर 2002, कार्तिक कृष्ण 13, युगाब्द 5104 धन्वन्तरी जयन्ती के पावन दिवस पर कोच्ची में आरोग्य भारती की स्थापना हुई |

भारत गाँवों में बसता है, किन्तु ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य की स्थिति बहुत ही दयनीय है | आज इक्कीसवीं सदी में भी लोग ज्वर, अतिसार जैसी साधारण बीमारियों से तथा आर्थिक विषमता, अंधविश्वास एवं अशिक्षा के कारण अकाल ही मौत के मुंह में समाते जा रहे हैं | दुर्भाग्य से पश्चिमी सभ्यता के विकास एवं प्रभाव के साथ हमारे देश में स्वास्थ्य सेवाएँ अस्पताल एवं डाक्टर केन्द्रित हो गई हैं | जबकि जन सामान्य के उपचार हेतु कोई बहुत से अस्पताल अथवा बहुत सारे डाक्टरों की आवश्यकता नहीं है | भारतीय स्वास्थ्य चिंतन को आधार बनाकर समाज को जागरुक एवं शिक्षित कर स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान किया जा सकता है | श्रीमद्भागवतगीता में कहा गया है कि –

युक्ताहार विहारस्य युक्त चेष्टस्य कर्मसु |

युक्त स्वप्नावबोधस्य योगो भवति दुःखहा ||

यथायोग्य आहार विहार करने वाला, सभी कर्मों में यथायोग्य चेष्टा करने वाला तथा योग्य समय पर सोने और जागने वाला व्यक्ति ही सर्व दुःखनाशक योग को प्राप्त होता है |

देश के 38 प्रान्तों के 660 जिलों में से 174 जिले कार्य युक्त हैं तथा देश के 574 नगर ग्राम में आरोग्य भारती का कार्य है, जिनमें स्वास्थ्य संवर्धन के अनेक उपक्रम चल रहे हैं –

विद्यालय के बालकों का आरोग्य परीक्षण

छात्रों, शिक्षकों एवं पालकों का आरोग्य संवर्धन हेतु प्रवोधन, आहार-विहार मार्गदर्शन

प्रथमोपचार प्रशिक्षण

महिलाओं को घरेलू उपचार की जानकारी

औषधीय वनस्पति परिचय एवं उनका रोपण

हर व्यक्ति को व्यायाम तथा योग का प्रशिक्षण, इस हेतु सूर्य नमस्कार का प्रचार

आरोग्य मित्र प्रशिक्षण

अन्य उल्लेखनीय कार्य-वृत्त

  • नियमित सेवा केंद्र : देश में 9 प्रान्तों के 574 स्थानों पर नियमित आरोग्य सेवा कार्य चल रहे हैं
  • उत्तराखंड में आपदा ग्रस्त लोगों की मदद के लिए आगरा केंद्र द्वारा ईसीजी मशीन तथा औषधियां भेजी गईं
  • वृक्षारोपण – देश के 11 प्रान्तों में 15000 औषधीय पौधों का रोपण किया गया
  • स्वास्थ्य ज्ञान परीक्षा : विद्यालयीन छात्र छात्राओं को सामान्य स्वास्थ्य ज्ञान प्रदान करने हेतु मध्यप्रदेश में गत सात वर्षों से यह कार्यक्रम संपन्न हो रहा है | इस वर्ष 28 जिलों के 150 विद्यालयों में संपन्न स्वास्थ्य ज्ञान परीक्षा में 41000 विद्यार्थी सहभागी हुए
  • बाल आरोग्य मित्र : पश्चिम आंध्र के 120 विद्यालय तथा कोंकण प्रांत के 27 विद्यालयों में चयनित विद्यार्थियों को आरोग्य मित्र का प्रशिक्षण दिया गया
  • आरोग्यम संस्कार केंद्र : कोंकण प्रांत में 22 स्थानों पर नियमित ‘आरोग्यम’ संचालित किया जा रहा है | नागपुर में सप्त दिवसीय आरोग्यम संस्कार वर्ग संपन्न हुआ
  • परम्परागत चिकित्सक सम्मेलन : गुजरात में 2 स्थानों पर संपन्न हुए
  • पंचगव्य एवं जैविक कृषि कार्यक्रम : पंजाब में 4 स्थानों पर संपन्न हुए | गुजरात में आयोजित संगोष्ठी में 500 लोगों ने सहभागिता की
  • देशभर में धन्वन्तरी जयन्ती, भारतीय आरोग्य दिवस के रूप में मनाई गई

राष्ट्रीय कार्यकारिणी

संरक्षक – डॉ. राजेन्द्र कुलकर्णी (हैदरावाद),

अध्यक्ष – डॉ. नरेंद्र प्रसाद (पटना),

कार्याध्यक्ष – डॉ. सुनील घाटे (चालीसगांव महाराष्ट्र),

उपाध्यक्ष – डॉ. विजयालक्ष्मी देशमाने (बेंगलूरू),

उपाध्यक्ष – डॉ. प्रवीण भावसार (अहमदावाद),

महासचिव – डॉ. रमेश गौतम (नागपुर), दूरभाष – 0712 2710581 मोवाईल – 09371136505 ईमेल – [email protected]

सहसचिव – डॉ. राज तायल (शामली उ.प्र.),

संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय (भोपाल),

कोषाध्यक्ष – डॉ. मधुसूदन देशपांडे (भोपाल),

सदस्य – श्री भास्कर कुलकर्णी (भोपाल), डॉ. योगेश मिश्रा (बरेली), डॉ. अमर बहादुर ठाकोर (अंबाला), वैद्य विजय कुलकर्णी ( नाशिक), डॉ. सुरेन्द्र कुलकर्णी (हैदरावाद), डॉ. बी.एन. सिंह (लखनउ)