भारतीय शिक्षण मंडल

दिंनाक: 29 Sep 2016 18:36:01

भारतीय शिक्षण मंडल

भारतीय शिक्षण मंडल वर्ष 1969 से शिक्षा में भारतीयता लाने हेतु प्रतिबद्ध संगठन है | वर्तमान में देश के 30 प्रान्तों में 128 जिलों में मंडल की इकाईयां सक्रिय हैं | मंडल की सभी शाखाओं में वर्ष प्रतिपदा, राम नवमी, गुरूपूर्णिमा, सरस्वती पूजन तथा मातृभाषा दिवस के पांच उत्सव मनाये जाते हैं |

शिक्षा की नीति व पाठ्यक्रम में परिवर्तन एक दूरगामी कार्य है, किन्तु वाधाओं के होते हुए भी शिक्षक अपने व्यक्तित्व, प्रभाव व पढ़ाने की पद्धति से विद्यार्थियों में भारतीय दृष्टि दे सकता है | इसी को ध्यान में रखते हुए तीन दिवसीय कार्यशाला “शिक्षक स्वाध्याय” (प्रतिदिन 2 घंटे) की रचना की गई है | कानपुर में 38, जयपुर में 5 स्थानों पर 295, नागपुर में 60, रामटेक में 52, सांगली में 30 शिक्षकों ने विद्यार्थियों में राष्ट्रगौरव जागृत करते हुए स्वाभिमान के साथ शिक्षा देने का संकल्प लिया |

शिक्षा की पद्धति, उसका उद्देश्य तथा इन सभी में भारतीयता की अभिव्यक्ति के वैज्ञानिक लाभों से संस्थाचालकों को परिचित कराने के लिए संस्थाचालक परामर्श का आयोजन हुआ | भोपाल में 26, जयपुर में 18, कोटा में 13 तथा ग्वालियर में 22 संस्थाचालक उपस्थित रहे |

राष्ट्रीय कार्यकारिणी

अध्यक्ष – डॉ. मोहनलाल छीपा,

महामंत्री - डॉ. वा.गा. गोगटे,

सह संगठन मंत्री – श्री मुकुल कानिटकर,