सर्वदा स्वस्थ रहने के उपाय

दिंनाक: 18 Jan 2017 21:29:49



 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

  • सुबह ब्रम्ह मुहूर्त में उठे ,यह समय सूर्योदय से लगभग 48 मिनिट पहले होता है l

  • सुबह बासी मुँह भर पेट जल पीने की आदत डाले ,इसे उषःपान कहते हैं l यह बहुत से रोगों को दूर करता है l जल हरदम बैठकर पिए ,खड़े खड़े कभी न पिएl

  • सुबह नित्यकर्म से निवृत्त होकर मैदान में टहलने की आदत डाले ,कम से कम 2-3 किमी तक तेज़ चाल से टहलें l

  • रोजाना सुबह 15-30 मिनिट तक हलके व्यायाम अथवा योगासन जरूर करेंl

  • रोज़ सुबह के नाश्ते में अंकुरित आहार को शामिल करें ,इसे अम्र्तान्न कहते हैं ;क्योंकि ये केवल सूर्य की रोशनी में ही पकते हैं l इनमे चना ,मूंग ,गेहूँ,मूँगफली,उड़द ,मेथी,तथा सोयाबीन हैं lइन्हें खूब चबा चबाकर खाएं और दूध पियें l दूध भी धीरे-धीरे , छोटे छोटे घूँट बनाकर पियें l

  • नियमित समय पर खूब चबा चबाकर भोजन करें ,दांतों का पूर्ण उपयोग करें ,दांतों का काम आंतो से न ले तथा भोजन में लगभग 20-30 मिनिट का समय लगावे l रोटी को पियें तथा दूध को खाएं ,रोटी को इतना चबाएं की वह मीठी लगने लगे l जब वह लार के साथ मिलकर पेट में जाएगी ,तब सुपाच्य हो जाएगी और अच्छी ऊर्जा देगी l इस तरह से भोजन करने पर आप कब्ज से बचे रहेंगे l

  • दैनिक भोजन में सलाद को जरूर शामिल करें l

  • भूख लगे तभी खाएं और वह भी भूख का 70 प्रतिशत ही खाएं 30 प्रतिशत खाली रखें l

  • अनावश्यक बार-बार न खाएं तथा जरुरत से ज्यादा न खायें और भोजन में किसी से होड़ लगाकर न खायेंl पेट को कूढ़ाघर न बनायें l

  • दोनों समय भोजन करने के बाद यथासंभव कुछ देर आराम करें ,नींद न लें l 8 श्वांस दाहिनी करवट लेकर लें ,16 श्वांस सीधी करवट तथा 32 श्वांस बायीं करवट लेटकर लें l इससे पाचन ठीक होता है तथा इसके बाद वज्रासन जरुर करें l दोनों घुटनों के बलपर बैठकर हाथ घुटनों पर रखें l मेरुदंड सीधा रहे ,यह सामान्य वज्रासन है l

  • दोनों समय भोजन की बाद मूत्र-त्याग करें,ऐसा करने से कमर में दर्द नहीं होता है,पथरी की शिकायत भी नहीं होने पाती l

  • दोनों भोजन के बीच में केवल फल और जूस ही लें और कुछ न खायें l

  • दिन भर करीब ढाई-तीन लीटर जल जरूर पियें l भोजन के साथ जल न पियें ,केवल बीच-बीच में दो- तीन घूँट ही पियें l

  • चाय ,काफी , सिगरेट,जर्दा ,पानपराग ,भांग आदि नशीली चीजों का कभी सेवन न करें l ये स्वास्थ्य के लिए ज़हर हैं l

  • शरीर के किसी वेग को न रोकें ;यथा –मल,मूत्र,छींक,जम्हाई,डकार,अपानवायु,भूख-प्यास ,नींद,आँसू इत्यादि l

  • हर दम लम्बी लम्बी श्वास लेने की आदत डाले l इससे अनेक बीमारियाँ स्वतः दूर हो जाती हैं l

  • मूत्र त्याग करते वक़्त दाँत जोर से भीच लें तथा मूत्र को पूर्ण वेग से न छोड़कर बीच –बीच में रोक कर करें ,ऐसा करने पर पौरुषग्रंथि की शिकायत नहीं होगी एवं शिकायत होने पर कुछ हद तक ठीक हो जायेगी l

  • नहाने के पहले मूत्र त्याग अवश्य कर लें l

  • रोज़ रात को नौ-दस बजे तक सोने की आदत डालेंl

सोते वक़्त सर हरदम दक्षिण दिशा की तरफ रखकर सोयें l