युवाओं की रचनात्मकता को दिशा देगा 'मी फॉर माय नेशन'

दिंनाक: 12 Oct 2017 07:11:13

भोपाल। भारतीय शिक्षण मंडल के युवा आयाम के राष्ट्रीय समन्वयक अंकित कलकोटवार ने विभिन्न महाविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के साथ 'मी फॉर माय नेशन' विषय पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारतीय शिक्षण मंडल 'मी फॉर माय नेशन' कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर में रचनात्मक एवं सृजनात्मक प्रतिभाओं को एक मंच और दिशा देने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के माध्यम से समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो सकता है। इस अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. संजय द्विवेदी और युवा आयाम के मध्यभारत प्रांत के संयोजक लोकेन्द्र सिंह भी उपस्थित रहे।

श्री कलकोटवार ने बताया कि शिक्षण मंडल राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। मंडल की योजना से नागपुर में रिसर्च फॉर रिसर्जेंस फाउंडेशन की स्थापना होनी है। समाज उपयोगी शोध के लिए समर्पित यह रिसर्च सेंटर जापान के बाद दुनिया का सबसे बड़ा अनुसंधान केंद्र होगा। उन्होंने कहा कि भाशिमं युवा आयाम के माध्यम से बौद्धिक योद्धा तैयार करने का प्रयास कर रहा है। यह बौद्धिक योद्धा अपनी मेधा का उपयोग समाज निर्माण में करेंगे और समाज को सबल-समर्थ बनाने का प्रयास करेंगे।

श्री कलकोटवार ने बताया की अब तक भाशिमं की ओर से तीन अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हो चुका है। अभी हाल में दिल्ली में'भारत बोध' नाम से अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया था,जिसका उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किया था। अप्रैल-2018 में भाशिमं की ओर से मध्यप्रदेश के उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय'गुरुकुल सम्मेलन' का आयोजन किया जा रहा है। वर्तमान में देश के विभिन्न क्षेत्रों में भाशिमं की योजना से छह गुरुकुल का सफल संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देश में अनेक स्थानों पर आज भी गुरुकुल की अवधारणा पर विद्यालय संचालित हो रहे हैं। दुनिया में भी कुछ देशों में गुरुकुल संचालित किए जा रहे हैं। अप्रैल-2018 में आयोजित गुरुकुल सम्मेलन में अनेक देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

माशिमं का फ्लैगशिप कार्यक्रम है 'मी फॉर माय नेशन' : श्री कलकोटवार ने बताया कि 'मी फॉर माय नेशन' (मैं मेरे देश के लिए) भारतीय शिक्षण मंडल का फ्लैगशिप कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य नवाचारों में संलग्न युवा प्रतिभा को सामने लाना है। इसके साथ उस युवा प्रतिभा के मन में समाज और देश के प्रति कर्तव्य बोध को जागृत करना है। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां पर 65 प्रतिशत आबादी युवाओं की है। इससे जुड़कर हम एक अच्छा समूह बना सकते हैं। इस अवसर पर लेखक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल शिक्षा के क्षेत्र में बहुत अच्छा कार्य कर रहा है। युवा आयाम और मी फॉर माय नेशन जैसे प्रकल्प समय की आवश्यकता है। सभी युवाओं को इससे जुड़कर अपना योगदान देना चाहिए। आज आवश्यकता है कि हम अपने आदर्शों को बचाएं और अपनी जड़ों की ओर लौटें। वहीं, मध्यभारत प्रांत के युवा आयाम के संयोजक लोकेन्द्र सिंह ने कहा कि बेहतर समाज के निर्माण में हमारी क्या भूमिका हो सकती है? हम सबको इसका विचार करना चाहिए। समाज की सज्जनशक्ति और प्रबुद्ध वर्ग को सकारात्मक वातावरण बनाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए और अपने सामर्थ्य का उपयोग समाज को समर्थ बनाने में करना चाहिए। बैठक में अर्चना पाण्डेय भी उपस्थित रहीं।