राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक आज से, प्रात: 8:30 बजे होगा उद्घाटन

दिंनाक: 12 Oct 2017 07:16:47

भोपाल, 12 अक्टूबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक का विधिवत शुभारंभ आज दिनांक 12 अक्टूबर को प्रात: 8:30 बजे होगा। बैठक में संघ के कार्य विस्तार, वर्तमान में चल रहे कार्यों का वृत्त एवं कार्यों की उपलब्धि का वृत्त प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही अगले तीन वर्ष की कार्ययोजना के बिंदुओं पर भी संघ का अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल विचार विमर्श करेगा। यह जानकारी संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य ने 11 अक्टूबर को आयोजित प्रेसवार्ता में दी। इस अवसर पर अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख श्री नरेन्द्र्र ठाकुर और प्रांत कार्यवाह श्री अशोक अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

डॉ. वैद्य ने बताया कि कार्यकारी मंडल की बैठक में संघ कार्य के विस्तार एवं दृढ़ीकरण के साथ ही संघ की विभिन्न गतिविधियों के संबंध में चिंतन-मंथन होगा। बैठक में संघ के अखिल भारतीय अधिकारी, 11 क्षेत्रों के अधिकारी एवं 42 प्रांत के प्रचारक शामिल हो रहे हैं। यह संख्या लगभग 300है। इससे पहले कार्यकारी मंडल की बैठक में विविध संगठन के पदाधिकारी भी शामिल होते थे। परंतु, इस वर्ष से परंपरा बदली है। विविध संगठन के पदाधिकारियों की बैठक वृंदावन में हो चुकी है। कार्यकारी मंडल की बैठक में जन संगठन के नाते वनवासी कल्याण आश्रम, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विश्व हिंदू परिषद, किसान संघ, विद्या भारती और भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि संघ की इस प्रकार की बैठक मार्च और अक्टूबर में होती हैं। पहले दोनों बैठकों में संघ विभिन्न प्रकार के विषयों/मुद्दों पर प्रस्ताव पारित करता था। परंतु, इस वर्ष से केवल मार्च की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में ही प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इस बैठक में केवल संघ की कार्ययोजना पर विचार विमर्श किया जाएगा। साथ ही पिछले छह माह में किए गए कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा और उपलब्धियों का वृत्त प्रस्तुत किया जाएगा। पिछले वर्ष में संघ का कार्य तेजी से बढ़ा है। वर्तमान में लगभग 50हजार स्थानों पर संघ की शाखा चल रही हैं। संघ में तीन वर्ष के लिए सरकार्यवाह का चुनाव किया जाता है। वर्तमान सरकार्यवाह श्री सुरेश भैयाजी जोशी का कार्यकाल मार्च-2018 में पूरा हो रहा है। इस दृष्टि से भी बैठक में आगामी तीन वर्ष की योजना पर विचार किया जाएगा। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि विजयादशमी पर हुए सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के उद्बोधन पर 20 स्थानों पर बुद्धिजीवियों के बीच चर्चा हुई है। संघ प्रबुद्ध वर्ग के साथ विचारों का आदान-प्रदान समय-समय पर करता है। संघ चाहता है कि समाज संगठन एवं व्यक्ति निर्माण के क्षेत्र में अन्य संगठन और व्यक्ति आएं।