आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 15 Oct 2017 22:09:31

जिस शिक्षा से हम अपना जीवन निर्माण कर सके, मनुष्य बन सके, चरित्र गठन कर सके और विचारो का सामंजस्य कर सके। वही वास्तव में शिक्षा कहलाने योग्य है-स्वामी विवेकानंद