गुरुद्वारा अरेरा कालोनी भोपाल में हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु के चरणों में माथा टेका

दिंनाक: 04 Nov 2017 19:27:35

गुरु का दर्शन देख-देख जीवां, गुरु के चरण धोये-धोये पीवां/अवल अल्ला नूर उपाय कुदरत के सब बन्दे, एक नूर ते सब जग उपजया कोऊ भले कोई मंदे/भुले मार्ग जिना बताया ऐसा गुरु बड भागी पाईआ/ जित्थे जाए बहे मेरा सतगुरु, सो थान सुहावा राम राज

भोपाल । श्री गुरुनानक देवजी का 549वां ‘‘प्रकाश उत्सव’’ आज शनिवार 4 नवम्बर, 2017 को दुनियाभर व देशभर में मनाया गया । राजधानी भोपाल में प्रकाश उत्सव गुरुद्वारा अरेरा कालोनी, भोपाल में श्रद्धा-भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ समूह संगत के सहयोग से मनाया गया । अरेरा कालोनी गुरुद्वारे में ब्लड डोनेशन कैम्प में एयर कंडीशन बस जो सर्वसुविधायुक्त थी इसमें 100 से ज्यादा लोगों ने ब्लड डोनेट किया । इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहयोग से आंखों का कैम्प भी लगाया जिसमें 500 से ज्यादा लोगों ने अपनी आंखों का चैकपअ करवाया और निःशुल्क लाभ प्राप्त किया ।

प्रकाश पर्व राजधानी भोपाल के गुरुद्वारा पिपलानी, गुरुद्वारा गुरुनानकपुरा केपिटल पेट्रोल पम्प, गुरुद्वारा नानकसर हमीदिया रोड एवं गुरुद्वारा कोकता ट्रांसपोर्ट नगर भोपाल में भी मनाया गया ।

प्रवक्ता गुरुचरण सिंघ अरोरा ने बताया कि गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व पर सिख पंथ के महान रागी जत्थे भाई साहब भाई हरदीप सिंघ जी अम्बाला हरियाणा से एवं सिख पंथ के महान विचारक भाई परगट सिंघ जी मोगा पंजाब एवं हजूरी रागी जत्था भाई बहादुर सिंघ जी एवं गुरुद्वारा के गुंथी भाई हरविन्दर सिंघ जी कथा, कीर्तन, प्रवचन के द्वारा हजारों श्रद्धालुओं को निहाल कर दिया समूह संगत ने भी कीर्तन साथ-साथ गाया। श्री गुरुनानक देवजी को याद कर गुरुग्रंथ साहब के चरणों में हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेका व विभिन्न राजनैतिक दलों के नेताओं व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने गुरुद्वारा पहुंचकर माथा टेका ।

रागी जत्थे भाई हरदीप सिंघ जी अम्बाला हरियाणा ने कीर्तन में कहा कि गुरु का दर्शन देख-देख जीवां, गुरु के चरण धोये-धोये पीवां, तिस गुरु को सिमरो सास-सास गुरु मेरे प्राण सतिगुरु मेरी रास एवं कीर्तन में कहा कि मेरा साहिब रंग रब रहिआ भरपूर, आपे रसिया आप रस, आपे रावण हार, आपे माछी मछली आपे पानी जाल, आप जल मनकड़ा आपे अन्दर लाल, रंग रता मेरा साहिब रवि रहिआ भरपूर ।

साथ ही उन्होंने कीर्तन में कहा कि अवल अल्ला नूर उपाय कुदरत के सब बन्दे, एक नूर ते सब जग उपजया कोऊ भले कोई मंदे एवं उन्होंने प्रवचन में कहा कि भुले मार्ग जिना बताया ऐसा गुरु बड भागी पाईआ, गुरु ग्रंथ साहब कहते हैं जिस मिल मन आनंद मिलने पर ही पाईये पूर्ण परमानन्द, जो शरण आवे तिस चरण लावे, गुरुनानकदेव जी ने पूरी दुनिया के लिये सांझा संदेश दिया । रागी जत्थे ने कहा कि हमें सभी धर्म के स्वावलम्बियों को अपने धर्म पर कायम रहना चाहिए और हमें अपने धर्म पर कायम रहकर सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए ।

सेवादार गुरुचरण सिंघ अरोरा ने बताया कि ग्रंथी भाई हरविंदर सिंघ जी ने प्रवचन में कहा कि जित्थे जाए बहे मेरा सतगुरु, सो थान सुहावा राम राजे, उन्होंने कहा कि जिसने गुरुनानक का लड़ पकड़ लिया वह भव सागर से पार लग जाता है, गुरुनानक देवजी ने लंगर की प्रथा पिता द्वारा दिये गये बिजनेस के पैसे को गरीबों एवं साधु-संतों को लंगर छकाकर शुरुआत की और अपने पिता को कहा कि दीन-दुखियों की सेवा करना ही सच्ची सेवा है, गुरुनानक जी की यह प्रथा आज भी जारी है, जिसमें सभी जाति धर्मों के लोग एक साथ बैठकर पंगत में लंगर खा सकते हैं राजा या वजीर, अमीर या गरीब गुरुनानक की नजर में सब बराबर हैं । गुरुनानक देवजी महाराज ने जातिवाद का सख्त विरोध किया गुरुनानक देव ने धर्म के नाम पर हो रहे अधर्मों का सख्त विरोध किया ।

इस अवसर पर गणमान्य नागरिकों में गुरुद्वारा अरेरा कालोनी की महिला कमेटी अध्यक्ष बीबी इन्द्रजीत कौर सन्धु, बीबी प्रकाश कौर, बीबी अरविन्दर कौर अरोरा, बीबी दलजीत कौर एवं बीबी कमलदीप कौर सलूजा, गुरुचरण सिंघ अरोरा आदि ने बधाई दी है एवं गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने समूह संगत श्रद्धालुओं से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर गुरु घर की खुशियां प्राप्त करें ।