गाँव का विकास ही देश का सर्वांगीण विकास है- मा.हितानंद जी शर्मा

दिंनाक: 26 Dec 2017 16:44:11


भोपाल(विसंके). विद्या भारती के मार्गदर्शन में भाऊराव देवरस सेवा न्यास भोपाल द्वारा संचालित सरस्वती संस्कार केंद्र जनजाति क्षेत्र की शिक्षा जिला बैतूल के द्वारा ग्राम विकास सम्मेलन का दो दिवसीय आयोजन दिनांक 14, 15 दिसंबर को भारत भारती आवासीय विद्यालय जामठी में संपन्न हुआ. इस ग्राम विकास सम्मेलन में मुख्य रूप से उपस्थित माननीय हितानंद जी शर्मा संगठन मंत्री विद्या भारती मध्य भारत,  माननीय मोहन जी नागर क्षेत्र प्रमुख विद्याभारती जनजाति शिक्षा एवं सचिव भारत भारती आवासीय विद्यालय, श्री गुरुचरण जी गौड़ विभाग समन्वयक नर्मदापुरम विभाग, श्रीमान बुधपाल सिंह जी ठाकुर प्रांतप्रमुख विद्या भारती जनजाति क्षेत्र की शिक्षा एवं श्री रूपसिंह जी लोहाने जनजाति क्षेत्र की शिक्षा के प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख उपस्थित रहे.

                ग्राम विकास सम्मेलन का शुभारंभ  जनजाति क्रांतिवीर सरदार विष्णु सिंह जी गोंड के जीवन चरित्र पर गीत के साथ शुभारंभ हुआ. इस ग्राम विकास सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री हितानंद जी शर्मा ने कहा-श्भारत की आत्मा गाँव में वसती है. गाँव में संस्कृति और प्रकृति का संरक्षण होता है. हिन्दव: सौदर: सर्वे, ये संस्कार गाँव में है. गाँव में सभी एक दूसरे के सुख-दुख में सहभागी होते है. अपने लिये सब जीते है, किन्तु जो अपनो के लिये जीता है उसे दुनिया जानती है. यह कार्य केवल मनुष्य कर सकता है. गाँव के उत्सव, पर्व सब मिलकर मनावें. हमारा घर, गाँव स्वच्छ हो. हमारे गाँव के मंदिर में प्रतिदिन एकत्रित होकर आरती करें, सद्ग्रंथों का अध्ययन, सत्संग हो. घर में भगवान का मंदिर हो, प्रतिदिन सब मिलकर आरती करें. घर की सज्जा, गांव सज्जा हो, सुवाक्य लिखे हो, गाँव में दोहा, चौपाई, सुभाषित लिखे हो. हमारा गाँव सांस्कृतिक गाँव नजर आये.
   गौ-आधारित प्राकृतिक खेती, जिससे गाँव स्वास्थ्य उत्तम रहे एवं आर्थिक स्वालम्बन आये. घरों में अन्नपूर्णा मंडपम् हो,  जहाँ प्रतिदिन ताजी स्वास्थ्य वर्धक सब्जी प्राप्त हो. औषधीय छायादार वृक्ष लगाकर उनका पोषण हो. हमारा गाँव पोलिथीन मुक्त हो इसलिये बाजार से पोलिथीन न लावें, घर से थैला लेकर बाजार जावें. गाँव की प्रतिभाएँ-चित्रकला, वादक, गायक, जड़ी-बूटी चिकित्सक, उन्नत कृषक का संरक्षण हो. गाँव की धर्मशक्ति,  सज्जन शक्ति,  मातृशक्ति, युवा शक्ति,  कृषकशक्ति का जागरण एवं संरक्षण करना. हमारा गाँव नशामुक्त,  झगड़ामुक्त बने. हम सभी ने मिलकर प्रयत्न करना चाहिये. हमारे आर्थिक स्वावलम्बन हेतु स्वसहायता समूह बनाकर स्वरोजगार के कार्य शुरु कर सकते है. हम पानी बना नही सकते बचा सकते है,  इसलिये घर का पानी घर, खेत का पानी खेत में, नदी का पानी नदी में रोकने हेतु मेढ़ बंधान, बोरी बंधान करना. मेरा गाँव,  मेरा भारत. मेरा गाँव,  मेरा तीर्थ बने. इस हेतु सभी मिलकर प्रयत्न करें. मा.मोहन जी नागर ने कहा है कि अच्छे ग्राम में पाठशाला हो, जहाँ बालक संस्कारित शिक्षा प्राप्त करे. शरीर स्वस्थ व निरोगी रहे,  इसलिये व्यायाम शाला हो,  उन्नत रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती के लिये घर-घर गौशाला हो. सम्पूर्ण ग्राम के स्वास्थ्य हेतु वैद्यशाला, गाँव की प्राकृतिक शुद्धता के लिये घर-घर यज्ञशाला हो.

                श्री बुधपाल सिंह ठाकुर ने कहा हमारे गाँव का नाम जिले में ही नही अपितु देश में ख्याति प्राप्त हो. इसलिये हम सभी ग्रामीणों की जिम्मेदारी है. हम सब मिलकर ऊर्जा(बिजली) की बचत कर राष्ट्र भक्ति का जागरण नयी पीढ़ी मे करें.

ग्राम विकास सम्मेलन में सहभागी श्री छ्न्नू धुवे ग्राम खापरखेड़ा ने बताया भाऊराव देवरस सेवा न्यास द्वारा पूर्व में आयोजित कृषि प्रशिक्षण के माध्यम से मैने गौ आधारित प्राकृतिक खेती प्रारंभ की मै अपने खेत मे रासायनिक खाद का प्रयोग नही करता, मेरी फसल की अच्छी पैदावार मिल रही है.

श्री योगेन्द्र उइके ग्राम बाचा ने बताया 2009 से हमारे गाँव में सरस्वती संस्कार केन्द्र चल रहा है, हमारा गाँव झगड़ा मुक्त है, गाँव के सार्वजनिक कार्यकृम व्यसनगुक्त है। जल संरक्षण हेतु प्रति वर्ष गाँव में बोरी बंधान किया जाता है. हमारे गाँव में 4 महिला स्वसहायता समूह है. इस वर्ष न्यास के सहयोग से हमारे गाँव में पहली बार जिलाधीश महोदय आये जिन्होंने स्वसहायता समूह की 2-2 लाख की सी.सी. जारी कर दी. अब स्वरोजगार के कार्य प्रारंभ करेंगे. केन्द्र के प्रयास से हमारे गाँव को स्वच्छता का पुरूष्कार भी प्राप्त हुआ. हमारे गाँव में प्राकृतिक खेती की जाती है. कार्यक्रम में आये कृषकों को गौ आधारित प्राकृतिक खाद,  अमृतपानी,  मटका खाद का प्रशिक्षण भी दिया गया. सभी कृषकों ने प्राकृतिक खाद के उपयोग का संकल्प लिया.

                प्रवासी कार्यकर्ता श्री बाजी राम जी यादव जिला प्रमुख श्री नागोराव सिरसाम सह जिला प्रमुख संकुल प्रमुख श्री जमदूसिंग जी अहाके श्री मिथिलेश कवड़े श्री जोधा सिंह धुर्वे उप संकुल प्रमुख श्री मंगलूसिंह परते,  सुंदर लाल जी, संजू जी, अनिल जी उइके सुश्री पुष्पा उइके, रेखा यादव और आचार्य श्री देवसू, राजेंद्र जी, दीदी विमला चिल्लाटे के साथ ही 11 ग्रामों से 115 ग्रामवासियों ने सहभागिता की. ग्राम विकास सम्मेलन में उपस्थित सभी लोगों का आभार श्री बाजीराम यादव द्वारा किया गया.