हर पांचवा भारतीय ह्रदय रोगी

दिंनाक: 29 Dec 2017 14:43:11


भोपाल(विसंके). केंद्र सरकार द्वारा जारी एक सर्वे रिपोर्ट में सामने आया है कि करीब 20 फीसदी भारतीय आबादी डायबिटीज और दिल की बीमारी से पीड़ित है. भारतीयों के स्वास्थय को लेकर यह सर्वेक्षण भारत सरकार द्वारा  26  राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किया गया है. चौकाने वाले परिणाम में पाया गया कि 125 करोड़ की आबादी वाले इस देश का एक बड़ा तबका डायबिटीज और हाईपरटेंशन जैसी बीमारियों से जूझ रहा है. अन्य देशों की तरह जहाँ ज्यादातर 60  साल से ऊपर के लोग ही डायबिटीज ले शिकार होते हैं, वहीँ भारत में यह 40 से 59 साल की उम्र के लोगों में ज्यादा पाया जाता है. और 22.2 प्रतिशत हाइपरटेंशन के मामले सामने आये हैं. डायबिटीज और हाइपरटेंशन पर आधारित यह सरकार का पहल सर्वेक्षण है, इसमें 7 लाख महिलाओं और 1.3 लाख पुरुषों को शामिल किया गया.


सर्वे रिपोर्ट में सामने आया कि देश में डायबिटीज से ग्रसित पुरुषों की संख्या 11.7 रही, जबकि सर्वे में 8.6 फीसदी महिलाओं में डायबिटीज पाया गया. इसी तरह हाइपरटेंशन के मामले भी पुरुषों में ज्यादा पाए गए. 13.4 फ़ीसदी पुरुषों में जहाँ हाइपरटेंशन निकला वहीँ महिलाओं में यह आंकड़ा 8.8 प्रतिशत रहा. सर्वे रिपोर्ट सर्वे रिपोर्ट की सबसे चौकाने वाली बात यह है कि ऐसे लोगों की संख्या में जबरदस्त इजाफा पाया गया है, जिन्हें डायबिटीज और हाइपरटेंशन दोनों की बीमारियाँ हैं.

मौत का सातवाँ बड़ा कारण

वर्ष 2015 के आंकड़ों के अनुसार देश में डायबिटीज के चलते 3.46 लाख लोगों की जान चली गई, जबकि इससे एक दशक पहले वर्ष 2005 में इसके कारण 2.24 लाख लोगों की मौत हुई थी. सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक़, देश में जिन कारणों से लोगों की मौत होती है, उसमे डायबिटीज का नंबर सातवाँ है.

चौंकाने वाले तथ्य

(1) 6 लाख भारतीय घरों में हुए सर्वेक्षण में डायबिटीज के सर्वाधिक मरीज गोवा में तो हाइपरटेंशन के सिक्किम में पाए गए.

(2) 15 से 20 फ़ीसदी युवा भारतीय महिलायें ईटिंग डिसऑर्डर से ग्रसित हैं, जिसके चलते  डायबिटीज की संभावना ज्यादा हो जाती है.

(3)  40 वर्ष से कम युवाओं के दिल की बीमारी एक दशक में 10 फ़ीसदी से 30 फ़ीसदी तक बढ़ गई है.

(4) 2 सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में अब तीन साल बाद 2020 तक लंग केंसर के कारण एक लाख से अधिक लोगों और ब्रेस्ट केंसर के कारण 75 हजार जानें जाने की आशंका है. जबकि तीन साल  बाद पीड़ितों की संख्या में भी तेजी से इजाफा होने की पुरजोर संभावना है. देश में करीब एक लाख मुह के 2 लाख ब्रेस्ट केंसर के मामले होने की आशंका जताई गयी है.

(5) हर साल भारत केंसर के 10 लाख नए मरीज सामने आते हैं. और अब इनकी संख्या 25 लाख तक पहुँच चुकी है. हर साल छह से सात लाख लोगों की जान चली जाती है. 27.5 लाख भारतीय यानी देश की 35 प्रतिशत आबादी और 13-15 साल के 14.1 प्रतिशत बच्चे तम्बाकू का इस्तेमाल करते हैं.

(6)  वर्ष 2015  में मधुमेह प्रबंधन पर 90.32 अरब स्वयं खर्च किए गए.

(7) अमेरिका में जर्नल ऑफ़ साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित एक शोध के अनुसार एक सप्ताह तक आयुर्वेद पंचकर्म ट्रीटमेंट के जरिए दिल की बीमारियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

साभर :- आरोग्य संपदा