मधुमेह के उपचार का आयुर्वेदिक नुस्खा

दिंनाक: 24 Mar 2017 09:48:36


मधुमेह आज के समय में सबसे बड़ी बीमारी है । प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के अनुसार शरीर में सप्तधातुओं में से किसी धातु के क्षीण होने पर शरीर मधुमेह नामक बीमारी होती है ।
तो आइये आज जानते है सुगर रोगी को सुगर कंट्रोल करने के लिए आवश्यक नुश्खे के बारे में । इस नुश्खे को प्रतिदिन प्रयोग करने से आपके शरीर में सुगर का लेवल सामान्य रहेगा ।

करेला बिज 50 ग्राम
निमगिरी 50 ग्राम
जामुन गुठली 50 ग्राम
अर्जुन छाल 50 ग्राम
गिलोय 50 ग्राम
चिरायता 50 ग्राम
बेलगिरी 50 ग्राम
तेज़ पता 50 ग्राम

सभी चीजे सुखी हुई लेकर पीसकर पाउडर बना ले और सुबह शाम पांच पांच ग्राम प्रयोग करे ।

अब इसी के साथ दूसरे नुश्खे को भी प्रयोग करे जो शरीर में क्षीण हुई धातुओं की पूर्ति करेगा
आवला पाउडर 150 ग्राम
सोंफ पॉवडर 150 ग्राम
शुद्ध शिलाजीत 10 ग्राम
नाग भसम 5 ग्राम

सभी को मिलाकर सुबह शाम पांच पांच ग्राम पहले वाले चूर्ण के आधे घण्टे बाद प्रयोग करे ।

सुबह शाम चार चार मिली जामुन सिरका अवश्य ले और रोज शाम सोते समय हरीतकी चूर्ण चार ग्राम की मात्रा में प्रयोग करे । सुबह खाली पेट गौमूत्र अर्क 10 मिली ले और गौमूत्र अर्क लेने के आधे घण्टे तँक कोई चीज खाए पिए ना ।

सम्पूर्ण जानकारी विस्तार पूर्वक-
सुबह खाली पेट गौमूत्र अर्क 10 मिली
20 मिनट की सैर
नाश्ते के आधे घण्टे बाद पहले नम्बर का चूर्ण और जामुन सिरका
पहले चूर्ण के आधे घण्टे बाद दूसरा चूर्ण
शाम में खाने के बाद 20 मिनट की सैर
शाम में खाने के आधे घण्टे बाद पहले नम्बर का चूर्ण और जामुन सिरका
उसके आधे घण्टे बाद दूसरा चूर्ण
सोते समय हरीतकी चूर्ण आधा चमच्च

-रूपेश आचार्य