हम सभी को देव ऋषि नारद जी के जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए-रमेश शर्मा

दिंनाक: 13 May 2017 20:40:41

महाकौशल (विसंकें) l हम सभी ऋषियों की संतान हैं। हर जाति हर धर्म के व्यक्तियों के पूर्वज हमारे ऋषि परंपरा के लोग रहे हैं। कोई काम छोटा नही होता व्यक्ति को नही बदला जा सकता। किन्तु उसके कार्य और कार्य प्रगति को बदला जा सकता है। आज हमारे देश मे बाहरी ताकतों के साथ साथ कुछ अंदरूनी विसंगतियाँ भी है। जिसको मिडिया जगत के लोगों के माध्यम से दूर करने की आवश्यकता है। सरहद मे रहने वाले जवानों के हाथ मे बंदुकें तो दे दी गई है किन्तु आज उनका शोषण होने पर वह बंदुक नही चला पा रहे। यह उनके घटते आत्म बल को दर्शा रहा है और कहीं न कही इसके लिए हमारे सोशल मिडिया, प्रिन्ट मिडिया, व इलेक्ट्रानिक मिडिया की भी सहभागिता रही है। आज के समय मे मिडिया जो देश का चौथा स्तम्भ है उसके लोगों को आज सशक्त होने की आवश्यकता है क्योकि सरकार कोई भी हो यदी हम संगठित नही है तो हमारी सुनवाई कहीं भी नही होगी। देव ऋषि नारद जी जो की आदि पत्रकार थे उन्होंने इसी भाव को लेते हुए लोक मंगल कामना के लिए हमेशा पत्रकारिता की और सत्य को प्रमाणिकता से प्रस्तुत किया हम सभी को उनके जीवन से यह शिक्षा लेनी चाहिए“ उक्त उदगार विश्व संवाद केंद्र महाकौशल प्रांत द्वारा कटनी के आईसीएच सभागार में आयोजित नारद जयंती कार्यक्रम मे भोपाल से पधारे मुुख्य अतिथि, वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्रीय एकता समिति के उपाध्यक्ष श्री रमेश शर्मा  ने व्यक्त किये।

कार्यक्रम मे विशिष्ट अतिथि चन्द्रदर्शन गौर जी ने अपने उदबोधन मे कहा कि आज पत्रकारिता का स्तर बहुत गिरता जा रहा है। इसका कारण है कि आजादी के बाद जो भी सरकारें आई उन्होने पत्रकारों पर अंकुश लगाकर रखा। देव ऋषि नारद जी के समय केवल एक प्रकार की ही पत्रकारिता होती थी किन्तु आज सोशल मिडिया का प्रभाव इतना अधिक है प्रिन्ट मिडिया व इलेक्ट्रानिक मिडिया के साथ साथ सोशल मीडिया एक नये माध्यम के रूप मे उभर कर आया है। नारद जयंती कार्यक्रम निश्चित ही पत्रकारों के बीच एक अच्छा संदेश लेकर सभी जगह अर्जित किया जा रहा है जो कि प्रसंसनीय है। प्रत्येक पत्रकार या साहित्यकार को अपनी लेखनी का प्रयोग देशहित व समाजहित मे हमेशा करना चाहिए।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री शशांक श्रीवास्तव जी ने कहा कि विश्व संवाद केन्द्र के द्वारा नारद जयंती का जो ये आयोजन पिछले कई वर्षो से किया जा रहा है। वह निश्चित ही प्रशंसा के योग्य है। पत्रकार समाज का दर्पण होता है वह किसी समाज, देश की जैसी छबि दिखाता है लोगों की धारणायें उसी तरह की बन जाती है आज कटनी शहर के नाम मे लोगो को नकारात्मकता लगती है कही न कही इसमे सुधार होने की आवश्यकता है यह शहर ऋषि कात्यायनि के नाम से बसाया गया था जो की बाद मे मुडवारा व कटनी हो गया। हम सभी इसे सुधारने का प्रयास करेंगे।

विश्व संवाद केन्द्र के न्यासी अरूण सोनी द्वारा संपूर्ण नारद जयंती कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी और सभी पत्रकार बंधुओं ,मातृशक्ति व सहित्य जगत से जुडे हुये लोगो का विश्व संवाद केंद्र की और से स्वागत करते हुऐ यह कहा की आज संपूर्ण देश भर मे नारद जयंती कार्यक्रम पत्रकारों के साथ मिलकर विश्व संवाद केन्द्र के द्वारा बडे ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है जो कि हम सभी के लिए गौरव का विषय भी है साथ ही नारद जी का जीवन हमे सत्य के पथ व निडर पत्रकारिता की प्रेरणा भी देता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीपप्रज्जवलन व नारद जी के चित्र पर मार्ल्यापण से प्रारंभ हुआ महापौर शशांक जी के द्वारा वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा भोपाल व चंद्रदर्शन गौर (संपादक दैनिक मघ्यप्रदेश) का सम्मान श्रीफल व स्म्रति चिन्ह प्रदान कर किया। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन रंगेश गोयनका, रामबिहारी गुप्ता द्वारा किया गया अंत मे आभार प्रदर्शन संदीप सिंघई द्वारा किया गया।

सम्पूर्ण कार्यक्रम में प्रिंट मिडिया इलेक्ट्रोनिक मिडिया के साथ साथ साहित्य जगत से जुड़े हुए सैकड़ो की संख्या में गणमान्य जन उपस्थित रहे जिसमे प्रमुख रूप से डॉ सुधा गुप्ता, वंदना तिवारी, प्रकाश प्रलय, गोपाल सिंघानिया, रमाकांत निगम, जगदीश गुप्ता, संजय जैन, गिरीश श्रीवास्तव, प्रभाकर राजकुमार दासवानी, ॐ सरावगी, सुनील वर्मा, अभिषेक मिश्र, उमेश मिश्र, विजय विश्वकर्मा, राघवेन्द्र चतुर्वेदी, शिवप्रताप, ऋषि ग्रोवर, अतीत गुप्ता ,संचित जैन, आदेश खरया, सुजीत तिवारी, सचिन, रोहित सेन, पंकज साहू, पिंटू, संदीप, अनसुल बहरे, संजीव वर्मा, सुभाष गर्ग, संजय गोतम, योगेश खरे, यश खरे, अदि बंधुगन उपस्थित रहे l