पत्रकारों का दायित्व है कि वह समाज में व्याप्त बुराइयों को उजागर करें-डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी

दिंनाक: 15 May 2017 10:39:27

विसंके (देहरादून) l 14 मई 2017, देवऋषि नारद एक ऐसे पत्रकार थे जो अच्छे काम करने वालों को अच्छी सीख देते थे और बुरा काम करने वालों की बुराइयों को सामने लाकर उजागर करते थे। उक्त बात विश्व संवाद केन्द्र द्वारा आयोजित आदि पत्रकार देवऋषि नारद जी की जयन्ती पर बतौर मुख्य वक्ता राज्यसभा सासद डाॅ॰ सुब्रह्मण्यम स्वामी ने समारोह के दौरान कही।

आदि पत्रकार देवऋषि नारद जी की जयन्ती पर ए.एम.एन. घोष सभागार (ओ.एन.जी.सी.) में विश्व संवाद केन्द्र द्वारा आयोजित पत्रकारिता दिवस समारोह में उपस्थित पत्रकारों एवं गणमान्य व्यक्तियों को सम्बोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राज्यसभा सांसद डाॅ॰ सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि पत्रकारों का दायित्व है कि वह समाज में व्याप्त बुराइयों को उजागर करते हुए सामाजिक एकता व समरसता को बनाए रखने में भी अपनी भूमिका का भलीभाँति निर्वहन करें। अपने उद्बोधन के दौरान उन्होंने कश्मीर मुद्दे को लेकर करारा हमला करते हुए कहा कि यदि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर अंकुश नहीं लगता तो पाकिस्तान के चार टुकड़े कर देने चाहिए। उन्होंने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्म भूमि को लेकर किसी भी विवाद से इंकार करते हुए कहा कि यह भूमि श्री राम की है और उन्हें विश्वास है कि अगले एक वर्ष के पश्चात् वहाँ पर श्री राम का भव्य मन्दिर  बनना शुरू हो जायेगा।

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नारद जयन्ती की बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने भी अपना कुछ समय पत्रकारिता को दिया है और लगभग एक वर्ष तक उन्होंने मेरठ से निकलने वाले राष्ट्रदेव समाचार पत्र का सम्पादन कार्य किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां ऐसी हैं कि यहाँ पर अक्सर आपदायें आती रहती हैं। ऐसी परिस्थितियों में पत्रकारों का दायित्व है कि वह सत्यता पर आधारित समाचारों को ही प्रमुखता से दिखाएं न कि पूर्व के वर्षों में हुए घटना क्रम को प्रसारित करने पर ध्यान केन्द्रित करें।

कार्यक्रम के दौरान विश्व संवाद केन्द्र द्वारा प्रकाशित हिमालय हुंकार पत्रिका के नारद जयन्ती विशेषांक व विश्व संवाद केन्द्र के निदेशक श्री विजय कुमार द्वारा लिखित पुस्तक ”भारत जिनके मन बसा“ (देश प्रेमी लेखक व पत्रकारों की जीवन गाथा पर आधारित) का विमोचन मंचासीन अतिथियों के कर कमलों द्वारा किया गया।

विश्व संवाद केन्द्र द्वारा प्रति वर्ष नारद जयन्ती (पत्रकारिता दिवस) पर होने वाले इस आयोजन में पत्रकारों का सम्मान करने की एक परम्परा रही है। इसी कड़ी में इस बार आयोजित कार्यक्रम में कुछ प्रमुख पत्रकारों को सम्मानित किया गया जिनमें श्री निशीथ सकलानी, श्री राजकिशोर तिवारी, श्री राजेश बडथ्वाल, सुश्री निही शर्मा, श्री आफताब अजमत, श्री प्रशान्त राय, श्री चन्द्रप्रकाश बुडाकोटी एवं श्री कुलदीप नेगी शामिल थे।

कार्यक्रम का संचालन विश्व संवाद केन्द्र के निदेशक श्री विजय कुमार एवं श्री हिमांशु अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर विश्व संवाद केन्द्र के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र मित्तल, सचिव श्री राजकुमार टांक, हिमालय हुंकार के प्रबन्ध सम्पादक रणजीत सिंह ज्याला, श्री जगदीश, श्री नीरज मितल, श्री अनिल नन्दा, श्री आजाद सिंह रावत, श्री विशाल जिन्दल, श्री आनन्द सिंह रावत, श्री सत्येन्द्र, श्री सुनील, श्री विनोद चमोली, श्री हरबंसकपूर, डाॅ॰ अंजली वर्मा, डाॅ॰ रश्मि त्यागी रावत, श्रीमती रीता गोयल, श्रीमती मंजू कटारिया, श्रीमती शारदा त्रिपाठी आदि अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।