पत्रकार दर्पण की भाँति होना चाहिए-अरुण सोनी

दिंनाक: 18 May 2017 12:43:03

वरिष्ठ पत्रकारो का किया गया सम्मान 

विश्व् सवांद केंद्र महाकौशल के तत्वाधान में दिनाँक 12 मई 2017 को पत्रकार सवांद  के जन्मदाता  देवऋषि नारद भगवान की जयंती समारोह सिंधी धर्मशाला मैहर में आयोजित किया गया । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय श्री राम भरोसे परोहा जी(वरिष्ठ पत्रकार मैहर), मुख्य वक्ता श्री अरुण सोनी जी उपस्थित थे । देव ऋषि नारद जी एवं भारत माता का पूजन अर्चन एवं अतिथियों का माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ ।इसके पश्चात  विश्व् सवांद मंच के माध्य्म से अतिथियों को  स्म्रति चिन्ह  प्रदान किये गए ।

इसके पश्चात मैहर के वरिष्ठ पत्रकार  भानू जायसवाल  एवं मुमताज  अहमद अंसारी  का साल-श्री फल  से अतिथियों के द्वारा सम्मान किया गया ।

अपने उद्बोधन में अरुण सोनी जी ने कहा कि लोग पत्रकार को लोकतन्त्र का चौथा स्तम्भ मानते  है किन्तु विडम्बना है की कोई भी सरकार हम पत्रकार संघ के बारे में नही सोचता ।उसका कारण है हम दूसरे की खबरे तो प्रकट करते है और अपनी जान जोखिम में रखकर खबरे प्रकाशित करते है किन्तु हमारे बारे में कोई नही सोचता आखिर क्यो ।आज पत्रकार अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है l सरकार को चाहिए की हम कलमकारों को भी सहायतार्थ कोई कदम उठायें l

कलम की ताकत निष्पक्ष होनी चाहिए । किन्तु देखने को मिल रहा है इस पत्रकार जगत में  स्पष्ट रूपी कलम विलुप्त होती जा रही है ।कलम को दोनों पहलुओ पर विचार कर लेख बद्ध प्रणाली लिखना होगा l वास्तव में पत्रकार दर्पण की भाँति होना चाहिए ।कलम स्पष्ठ होनीचाहिए l

 

आज जो विखंडन की स्थिति विराजमान है इसे संगठित बनाना होगा ।पत्रकारिता को मजबूत होना होगा और निष्पक्ष होना होगा ।तभी सच्ची पत्रकारिता के मायने स्पष्ट होंगे ।

कार्यक्रम का सफल संचालन पुष्पेन्द्र ताम्रकार ने किया ।व्यवस्थापक के रूप में  रावेन्द्र सिंह उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में आये हुए समस्त गणमान्य अतिथि, पत्रकार गणो का आभार प्रदर्शन सावन जायसवाल जी द्वारा किया गया । शांति पाठ के पश्चात कार्यक्रम समाप्त की घोषणा की गई । इस अवसर पर नगर के समस्त पत्रकार साथी के साथ जन प्रतिनिधि मौजूद रहे । आयोजन की समाप्ति के बाद सिंधी समाज के अध्यक्ष महेश दरियानी एवं सामाज का धन्यवाद ज्ञापित किया गया जिन्होंने इस आयोजन को संचालन के लिए निशुल्क धर्मशाला का उपयोग करने की अनुमति दी ।