विद्याभारती राष्ट्रीय अध्यक्ष की उपस्थिति में हुआ प्रांतीय आचार्य सामान्य शिक्षण वर्ग का सफल समापन

दिंनाक: 19 May 2017 12:44:51



2 मई सायं से 18 मई प्रातः तक चलने वाले पंद्रह दिवसीय वर्ग में श्रेष्ठ चिन्तक महानुभावों द्वारा शिक्षार्थी आचार्य/दीदियों का हुआ मार्गदर्शन

पचोर | विद्याभारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की प्रांतीय इकाई सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान म.प्र. भोपाल द्वारा योजनान्तर्गत 2 मई सायं से 18 मई प्रातः तक 15 दिवसीय प्रांतीय आचार्य सामान्य शिक्षण वर्ग का आयोजन स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पचोर में किया गया | जिसमे विद्याभारती मध्यभारत प्रान्त के 6 विभाग व 16 जिलो के  50 विद्यालयों से 126 चयनित आचार्य –दीदीयाँ सम्मिलित रहे | वर्ग के कार्यवाह श्री राजेन्द्रसिंह परमार (प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख) ने बताया कि विद्याभारती द्वारा प्रतिवर्ष आचार्य/दीदियों को  योजनानुसार व संस्कारक्षमरूपी वातावरण तैयार कर सामान्य शिक्षण वर्ग के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाता है |

बहुउद्देश्यीय व् बहुआयामी प्रशिक्षण वर्ग ............

सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान म.प्र. द्वारा कई बहुउद्देश्यीय व बहुआयामी रचनात्मक के साथ प्रांतीय आचार्य सामान्य शिक्षण वर्ग संपन्न किया गया , जिसमे अनेको विधाओं के अंतर्गत अनेको सत्र संपन्न हुए जिनमे चिन्तन व बौद्धिक सत्र , शिक्षण सत्र , डिजिटल सत्र , चर्चा सत्र , खेल व शारीरिक आदि अनेक सत्र सम्मिलित रहे | इस वर्ग में शिक्षार्थी आचार्य/दीदियों को सर्वांगीण विकास का बोध कराया गया |

केंद्रीय ,क्षेत्रीय व प्रांतीय स्तर का हुआ मार्गदर्शन 

मध्यभारत प्रान्त के इस पंद्रह दिवसीय वर्ग में शिक्षार्थियों को अखिल भारतीय ,क्षेत्रीय व प्रांतीय स्तर के पदाधिकारियों व श्रेष्ठ चिंतको द्वारा पथ-प्रदर्शित किया गया |  प्रतिदिन के मार्गदर्शक रहे –

पहला दिन       -    श्री रविन्द्र कान्हेरे (कुलपति ,भोज विश्वविद्यालय)

दूसरा  दिन           -    श्री अशोक पोरवाल (प्रान्त प्रचारक , राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ)

तीसरा दिन       -    श्री उमेशकुमार सिंह  (हिंदी साहित्य अकादमी म.प्र.,निदेशक)

चोथा दिन        -    श्री देवकीनंदन चौरासिया (मध्यक्षेत्र, प्रशिक्षण प्रमुख)

पांचवा दिन       -    श्री भालचंद रावले (क्षेत्रीय संगठन मंत्री )

छटवां दिन       -    श्री माधवसिंह दांगी (अध्यक्ष, खाद्य एवं बीज निगम म.प्र.)

सातवाँ दिन       -    श्री श्यामस्वरूप मनावत (प्रसिद्द कथावाचक व विद्याभारती कार्यकर्ता)

आठवां दिन       -    डॉ भागीरथ कुमरावत (उपाध्यक्ष , माध्यमिक शिक्षा मंडल म.प्र.)

नवां दिन        -    श्री उमाशंकर पचौरी (संयुक्त महामंत्री , भारती शिक्षण मंडल)

दसवां दिन       -    श्री जितेन्द्रकुमार पाठक (साहित्यकार एवं लेखक )

ग्यारहवां दिन          -    श्री श्रीराम आरावकर      (राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री, विद्याभारती)

बारहवां दिन      -    श्री अशोककुमार पाण्डेय (प्रांतीय, सह संघचालक)

तेहरहवां दिन           -    श्री शिवप्रसाद      (विद्याभारती ,राष्ट्रीय सहमंत्री )

चोहदवां दिन      -    श्री राजेंद्रसिंह परमार (मध्यभारत , प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख)

पन्द्रहवां दिन           -    डॉ गोविन्दप्रसाद शर्मा (विद्याभारती,राष्ट्रीय अध्यक्ष)

शिक्षक सम्मलेन में राष्ट्रीय अध्यक्ष (विद्याभारती) द्वारा हुआ जिले के शिक्षको का मार्गदर्शन ....................... 

आचार्य सामान्य शिक्षण वर्ग के पन्द्रहवें दिन डॉ गोविंदप्रसाद शर्मा (विद्याभारती,राष्ट्रीय अध्यक्ष)  द्वारा शिक्षक गोष्ठी में जिलेभर से शास. शिक्षक पूर्व आचार्यों का हुआ मार्गदर्शन | कार्यक्रम की प्रस्तावना श्री हितानंद शर्मा (प्रान्त संगठन मंत्री ) द्वारा रखी गई तथा शिक्षा क्षेत्र की ज्वलंत समस्याएँ एवं समाधान विषय पर डॉ गोविन्दप्रसाद ने कहा कि आज के वर्तमान परीप्रेक्ष्य में समस्या से शिक्षा की विश्वसनीयता समाप्त होती जा रही है, तथा शिक्षा के प्रति निराशाभाव को हटाना होगा | शिक्षा में विश्वसनीयता लानी होगी , तथा समाज के मध्य स्थापित करना होगा |

डॉ शर्मा ने शिक्षा जगत की अनेक ज्वलंत समस्याओं पर प्रकाश डाला तथा विद्यमान समस्याओं के निदान के लिए समाधान भी सुझाएँ गए  |

डॉ गोविंदप्रसाद शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ , भव्य प्रकटोत्सव समारोह .......................

आचार्य सामान्य शिक्षण वर्ग के अंतिम पन्द्रहवें दिवस में शिक्षार्थी आचार्य/दीदियों की विभिन्न शारीरिक विधाओं के साथ हुआ भव्य प्रकटोत्सव कार्यक्रम इस  अवसर में मुख्य अतिथि डॉ गोविन्दप्रसाद शर्मा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया  | श्री रोडमल नागर (सांसद राजगढ़ ,लोकसभा क्षेत्र द्वारा कार्यक्रम की अध्यक्षता की गई साथ ही विशेष अतिथि – श्री हितानंद शर्मा ,श्री राजेंद्रसिंह परमार भी मंच पर उपस्थित रहे |

शिक्षार्थी आचार्य –दीदीयों के व्यायाम योग से कार्यक्रम की शुरुआत कि गई , तत्पश्चात ,समता प्रदर्शन –पिरामिड ,योगचाप, सामूहिक सूर्यनमस्कार ,वर्गगीत आदि अनके विधाएँ संपन्न कराई गई | इस अवसर पर संबोधित करते हुए डॉ गोविन्दप्रसाद शर्मा ने कहा कि – वर्तमान में सभी परिवर्तनों से बढ़कर आम शिक्षा क्षेत्र में परिवर्तन की नितान्त आवश्यकता है , हमारी शिक्षा , हमारी मिटटी से जुडी हुई होनी चाहिए | हमारा पुरुषार्थ स्वंय के लिए नहीं बल्कि राष्ट्र के लिए है | डॉ शर्मा ने शिक्षा क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर के परिवर्तन पर भी बल दिया | अंत में वन्दे मातरम् गीत के साथ ही कार्यक्रम का सफल समापन हुआ |

दीक्षांत समारोह के साथ हुआ वर्ग का समापन .................

 18 मई प्रातः को हितानंद शर्मा के मुख्य आतिथ्य में हुआ आचार्य सामान्य शिक्षण वर्ग का दीक्षांत सामरोह | जिसमे सहभागी शिक्षार्थियों को मंच के माध्यम से प्रमाण-पत्र वितरित किये गए | दीक्षांत व् वर्ग समापन के अवसर पर हितानंद शर्मा ने कहा कि इस वर्ग में प्राप्त की गई शिक्षा की दीक्षा यही होगी कि हम सभी इस वर्ग की सारगर्भित शिक्षा को अपने अंतरजगत में उतारकर उसके प्रकाश से समाज को प्रकाशित करे तथा हम वो आधार बने जिस पर राष्ट्र का सुदृढ सुनहरा भविष्य गढ़ा जा सके |

अंत में श्री शर्मा ने कहा कि समय आ चुका है समाज की  अवरुद्ध हो चुकी धारा को पुनः प्रवाहित करने का  |

उत्तम वर्ग व्यवस्था के लिए प्रान्त द्वारा सम्मानित हुआ पचोर आचार्य परिवार .............

मध्यभारत प्रान्त द्वारा पहली बार राजगढ़ विभाग में सरस्वती विद्या मंदिर पचोर में प्रांतीय आचार्य शिक्षण वर्ग की मेजबानी का अवसर दिया गया | तथा पचोर विद्यालय इस वर्ग की सफल व्यवस्था पर खरा साबित हुआ | कम समय में प्रांतीय वर्ग के अनुरूप उत्तम  व्यवस्था करने पर प्रांतीय अधिकारीयों द्वारा सम्पूर्ण आचार्य परिवार को सम्मानित किया गया |

प्रकटोत्सव समारोह के पश्चात सम्मान समारोह का रात्रिकालीन कार्यक्रम नियोजित किया गया | जिसमे श्री हितानंद शर्मा (प्रांतीय संगठन मंत्री  ) , श्री राजेंद्रसिंह परमार , श्री चन्द्रहंस पाठक ,श्री अवधेश त्यागी , श्री प्रमोद पंवार , श्री मोहनलाल जायसवाल , श्री मोहनप्रसाद गुप्ता , श्रीमती बबिता सक्सेना , श्री श्रीनाथ जुलानिया , श्री चैनसिंह बन्नासिया (प्राचार्य, महाप्रबंधक) एवं समस्त वर्ग संचालन टोली , व समस्त आचार्य परिवार उपस्थित रहे |