ब्रह्मसूत्र के ज्ञाता नारद जी व्यापक लोक मंगल के लिए जाने जाते हैं-जयराम शुक्ल

दिंनाक: 19 May 2017 13:19:46

सतना (विसंकें) l "देवर्षि नारद वृत्ति से ही पत्रकार थे। वे भगवान के अत्यंत प्रिय थे।ब्रह्मा के मानस पुत्र नारद जी के वश में भगवान भी रहते थे। लोक मानस में नारद की विचित्र धारणा थी। इतिहास में जहाँ भी समाज की धारा में निर्णायक मोड़ आया वहाँ नारद जी हमेशा महत्वपूर्ण रहे।ब्रह्मसूत्र के ज्ञाता नारद जी व्यापक लोक मंगल के लिए जाने जाते हैं।"

उक्त उद्गार विश्व संवाद केंद्र महाकौशल, सतना द्वारा आयोजित आदीपत्रकार देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तम्भ लेखक जयराम शुक्ल ने मुख्य वक्ता की आसन्दी से व्यक्त किए। कार्यक्रम अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार चिन्तामणि मिश्र एवं विभाग प्रचार प्रमुख अरुण सोनी मंचासीन रहे। यहाँ स्थानीय माहेश्वरी उत्सव हाल में "नारदीय दृष्टि एवं पत्रकारिता" विषय पर आयोजित विचार प्रबोधन में श्री शुक्ल ने कहा संचार व संवाद का मूल बीज अक्षर ही है। यह ईश्वर का एक रूप है। शिव के नाद से निकले शब्द की सत्ता सृष्टि को चला रही है। शब्द नही होता तो सभ्यता, संस्कृति और संस्कार नही होता। शब्द में बहुत शक्ति है।यह लय भी लाती है और प्रलय भी लाती है।श्री शुक्ल ने कहा आज हमारी मनीषा, मेघा, वैदिक वाङ्गमय आदि को झुठलाने का प्रयास चल रहा है। नारद का पाथेय हमे इस दिशा से भटकने नही देगा।

आयोजन की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार चिन्तामणि मिश्र ने कहा आज बाजारवाद के चक्रव्यूह में फँसकर हमारे सनातन मूल्यो का पतन हो रहा है। क्या आज नारदीय पत्रकारिता बची है? लाभ की मंशा ने समझौतों को बढ़ावा दिया है। विश्व संवाद केंद्र इस भटकाव मे रास्ता बनाने में सक्षम हो सकता है।

विचार प्रबोधन एवं विश्व संवाद केंद्र की प्रस्तावना रखते हुए संघ के विभाग प्रचार प्रमुख अरुण सोनी ने बताया कि विश्व मंगलकारी भारतीय चिंतन तथा श्रेष्ठ हिन्दू संस्कृति के शाश्वत जीवन मूल्यों को देश तथा विश्व में प्रतिस्थापित करने के उद्देश्य से विश्व संवाद केंद्र देश भर में विभिन्न संस्थाओं, प्रचार माध्यमों तथा जनमत निर्माता प्रबुद्धजनों के बीच संवाद स्थापित करने हेतु एक मंच के रूप में कार्य करता है।अपनी देशव्यापी श्रंखला के माध्यम से इसका कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। इसके पूर्व अतिथियों ने आदिपत्रकार देवर्षि नारद के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन किया। आयोजन समिति के बलराम शुक्ला ने अतिथि परिचय कराया जबकि विमल पांडेय ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन आयोजन समिति के संजीव सरोज मिश्रा ने किया।सभी मंचासीन अतिथियों को स्मृति चिह्न से सम्मानित किया गया। विचार प्रबोधन में  अनेक सम्माननीय सम्पादक गण, संवाद साधक पत्रकार बन्धुओं, साहित्यकार, कवि , लेखक तथा सोशल मीडिया से जुड़े अनेक प्रबुध्द जन सहित सुदामा शरद, संजय पयासी, अशोक शुक्ला, हरिप्रकाश गोस्वामी, गोरखनाथ अग्रवाल, समाजसेवी उत्तम बनर्जी, विभाग प्रचारक विनोद कुमार, प्रचारक कौशलेंद्र आयोजन समिति के विनोद पंडित, के जी शर्मा बबला, हरिओम गुप्ता, सचिन त्रिपाठी, बलराम शुक्ल, अनिल शर्मा, विमल पांडेय, आशीष शुक्ला, अनुराग गोस्वामी,प्रदीप जैन, राजीव खरे, आंनद जैन, वैभव जैन उपस्थित रहे।