जंगल के पशु क्यों नही होते बीमार ?

दिंनाक: 27 May 2017 23:47:32

मनुष्य अपने को होशियार समझता है। लेकिन मनुष्य से ज्यादा होशियारी जीव जगत के प्राणीयों में है। आप चिडि़या को देखो, कितने भी तरह की चिडीयां, सबेरे सूरज निकलते ही उनका खाना शरू हो जाता है, और भरपेट खाती है। 6 बजे के आसपास राजस्थान, गुजरात में जाओ सब तरह की चिडिया अपने काम पर लग जाती है। खूब भरपेट खाती है और पेट भर गया तो चार घंटे बाद ही पानी पीती है। गाय को देखिए सुबह उठते ही खाना शरू हो जाती है। भैंस, बकरी, घोड़ा सब सुबह उठते ही खाना खाना शुरू करेगे और पेट भरके खाएँगे। फिर दोपहर को आराम करेंगे तो यह सारे जानवर, जीवजंतू जो हमारी आँखो से दीखते है और नही भी दिखते इन सबका भोजन का समय सवेरे का है। सूर्योदय के साथ ही ये सब भोजन करते है इसलिये वे हमसे ज्यादा स्वस्थ रहते है।

किसी भी चिडिया को डायबिटीज नही होता किसी भी बंदर को हार्ट अॅटॅक नही आता। बंदर तो आपके नज़दीक है। शरीर रचना मे बस बंदर और आप मे यही फर्क है कि बंदर को पूँछ है, आपको नही है बाकी सब कुछ समान है। तो ये बंदर को कभी भी हार्ट अॅटॅक, डायबिटीस, नही होता।

कर्नाटक में उडूपी नाम की जगह है वहॉ बहुत बडे प्रोफेसर है, मेडिकल कॉलेज में काम करते है। उन्होंने एक बड़ा गहरा रिसर्च किया कि बंदर को बीमार बनाओ, तो उन्होंने तरह तरह के वायरस और वेकटीरिया बंदर के शरीर मे डालना शुरू किया, इंजेक्शन के माध्यम से । वो कहते है, मैं 15 साल असफल रहा। बंदर को कुछ नही हो सकता। और मैने कहा कि आप ये कैसे कह सकते है कि, बंदर को कुछ नही हो सकता, कारण उसका ये है की, उसे कोई बीमारी आ ही नही सकती। उसके ब्लड मे कॉलेस्टेरॉल बढता ही नहीं। ट्रायग्लेसाईड कभी बढती नही डासबिटीस कभी हुई नही। शुगर कितनी भी बाहर से उसके शरीर मे डंट्रोडयूस करो, वो टिकती नहीं। तो वही प्रोफेसर साहब कहते है की, यार ये यही चक्कर है, की बंदर सवेरे सवेरेही भरपेट खाता है। जो आदमी नही खा पाता। तो वो प्रोफेसर रवींद्रनाथ शानवागने अपने कुछ मरीजों से कहा की देखो भैया, सूबह सुबह भरपेट खाओ। तो उनके मरीज बताते है की, जबसे उन्होंने सुबह भरपेट खाना शरू किया तो, डासबिटीस माने शुगर कम हो गयी, किसी का कॉलेस्टेरॉल कम हो गया, किसी के घटनों का दर्द कम हो गया। कमर का दर्द कम हो गया गैस बनाना बंद हो गई पेट में जलन होना, बंद हो गयी नींद अच्छी आने लगी.....वगैरा....वगैरा। और ये बात बागवटजी 3500 साल पहले कहते थे की सुबह का खाना सबसे अच्छाा। माने जो भी स्वाद आपको पसंद लगता है वो सुबह ही खाईए।