वनवासी बंधुओं के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है वनवासी कल्याण आश्रम : श्री अजय जी

दिंनाक: 30 May 2017 22:15:33


नई दिल्ली, 29 मई। वनवासी बंधुओं के कल्याण के लिए सतत प्रयास करने की जरूरत है और वनवासी कल्याण आश्रम इस दिशा में लगातार प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय बौद्धिक प्रमुख श्री अजय ने संगठन के वार्षिक उत्सव के अवसर पर ये विचार व्यक्त किए। वार्षिक उत्सव का आयोजन दिल्ली के शाह सभागार में  28 मई, रविवार को किया गया था।  

श्री अजय ने कहा कि वन बंधुओं के कल्याण और उनके हितों की रक्षा के लिए वनवासी कल्याण आश्रम लंबे समय से काम करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भी कहा था कि वह नर की सेवा करते हैं क्योंकि नर ही नारायण है। इसी भावना के साथ वनवासी कल्याण आश्रम भी वनवासियों के बीच देश भर में कार्य कर रहा है।

श्री अजय ने कहा कि आश्रम का ध्येय वाक्य 'तू—मैं एक ही' इस बात का परिचायक है​ कि समाज में सबको साथ लेकर काम करना होगा। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। कवि श्री ‘राजेश जैन’ ने अपनी प्रसिद्ध रचना ‘वनवासी राम’ के माध्यम से मौजूद लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में दिल्ली  में नरेला स्थित संगठन के छात्रावास के छात्रों ने सामाजिक समरसता पर आधारित एक लघु नाटक का मंचन किया। 

श्री दर्शन सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की तथा सांसद व दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम के विशेष अतिथि डॉक्टर अश्वनी अग्रवाल तथा श्री सुशील गर्ग ने भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।