जल, जंगल, जमीन और जानवर सुरक्षित होने पर ही जन बचेगा-मोहन नागर

दिंनाक: 07 May 2017 21:24:07

।। पानी रोकने के लिए पाँच सैंकड़ा लोगो ने बहाया पसीना ।।

।। भवानी हिल्स के नाम से जानी जायेगी अब यह पहाड़ी ।।

बैतूल की सोनाघाटी को फिर से हरी-भरी करने के उद्देश्य से किये जा रहे गंगावतरण अभियान में आज बैतूल नगर सहित आसपास के पाँच सौ से अधिक ग्रामीणों ने जमकर पसीना बहाया। सुबह सात से दस बजे तक चले इस अभियान में ६*२*२* की सौ से अधिक खन्तियाँ व पौधरोपण हेतु गड्ढे खोदे गए , इस महाभियान में महिलाओं ने भी बढ़चढक़र भाग लिया व जमकर गेंची और फावड़ा चलाया , रविवार का दिन होने के बावजूद आज सुबह छ: बजे से ही लोग झुण्ड के झुण्ड बनाकर गेंची-फावड़ा हाथ में लिए सोनाघाटी पहुँचना शुरू हो गए थे , कुछ श्रमदानियों ने अपने हिस्से का काम आठ बजे ही पूर्ण कर लिया था ,कार्यक्रम में सतपुड़ा समग्र, सतपुड़ा विकास परिषद, विद्याभारती जनजाति शिक्षा, भाउराव देवरस सेवा न्यास, व्यापारी संघ, गायत्री परिवार, परशुराम सेना, कढ़ाई ग्राम पंचायत, महर्षि अरविन्द शिक्षा समिति, भारतीय मजदूर संघ, भारत भारती आवासीय विद्यालय सहित नगर की अनेक संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

शिवगंगा झाबुआ जिले का छ: कार्यकर्ताओं का दल भी श्री राजाराम कटारा के नेतृत्व में कार्य को देखने आया था उन्होंने भी छ: खंतिया खोदकर अपना योगदान दिया ,श्रमदान के पश्चात कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए भारत भारती के सचिव मोहन नागर ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और जानवर सुरक्षित होने पर ही जन बचेगा क्योंकि हमारा शरीर पंचतत्वों से बना है , बैतूल के पर्यावरण को सम बनाए रखने के लिए सोनाघाटी की पहाड़ी को बचाना आवश्यक है, इसके लिए आवश्यक है कि हमें पहाड़ी पर पानी रोककर पेड़ लगाना होंगे ,श्री नागर ने कवि भवानीप्रसाद मिश्र का स्मरण करते हुए कहा कि दादा भवानी ने इसी पहाड़ी पर बैठकर  ‘‘सतपुड़ा के घने जंगल’’ नामक ऐतिहासिक कविता रची थी , लेकिन आज यह पहाड़ी वृक्षविहीन होती जा रही है ,गंगावतरण अभियान इस पहाड़ी को पुन: हराभरा करने के लिए प्रारम्भ किया है , इस नगर के उपस्थित जनसमुदाय से विचार विमर्श कर गंगावतरण हेतु चिन्हित स्थान का नाम भवानी हिल रखने की घोषणा की ।

भोपाल से आये विद्या भारती के प्रादेशिक संगठन मन्त्री श्री हितानन्द शर्मा ने श्रमदान कर रहे कार्यकर्ताओं को भागीरथ की संज्ञा देते हुए बैतूल के नागरिकों की भूरी-भूरी प्रशंसा की । उक्त संदर्भ में ही श्री हितानंद शर्मा ने वृक्ष की जड़ों को शिव जटाओं के रूप में चित्रित करते हुए जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला, सोशल मीडिया के माध्यम से गंगावतरण की जानकारी को प्राप्त कर झाबुआ से आए हुए श्री राजाराम कटारा शिवगंगा समिति के अध्यक्ष ने कहा कि हम भी लगभग 15 वर्षों से झाबुआ के पहाड़ी क्षेत्रों में 1500 कार्यकर्ताओं के माध्यम से इसी प्रकार की खन्तीया खोदकर पर्यावरण को संरक्षित करने का कार्य कर रहे हैं , हमें प्रकृति का शोषण और दोहन नहीं अपितु संवर्धन करना है , पाढऱ से पधारी सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती केथवास ने पर्यावरण को संरक्षित करने हेतु स्वयं की ओर से 150 पौधे भेंट करने की बात कही , श्री अलकेश आर्य, श्री उत्तम प्रसाद खंडेलवाल, मुकेश खण्डेलवाल ने भी सम्बोधित किया ।

सतपुड़ा समग्र तथा सतपुड़ा विकास परिषद के अध्यक्ष श्री बुधपाल सिंह ठाकुर ने गंगावतरण कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया और 5 जून 2017 को पुन: एक बार वृक्षारोपण हेतु सभी संस्थाओं से सहयोग की अपील की।