समाज में एकात्मता स्थापित हो इस हेतु संघ का कार्य सर्वत्र चल रहा है-अरुण जैन

दिंनाक: 10 Jun 2017 21:58:17



शारीरिक कार्यक्रमों के प्रदर्शन के साथ संघ शिक्षा वर्ग, हरदा का समापन

हरदा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्यभारत प्रांत द्वारा आयोजित 20 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष का स्वयंसेवकों के शारीरिक कार्यक्रमों के प्रदर्शन के साथ स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर , इंदोऱ रोड़, हरदा में समापन हुआ।

समापन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डाॅ. श्री अरुण जैन, मध्य क्षेत्र प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, ने कहा कि ऐसे वर्गो से मिलने वाला प्रशिक्षण व्यक्ति निर्माण का ही भाग है। विश्व में सबसे विशाल और सशक्त संगठन के रूप में आज संघ जाना जाता है। यह हिन्दुत्व की विचार धारा को और अधिक सबल बनाने का प्रयास है। पूर्ण समाज में एकात्मता स्थापित हो इस हेतु से संघ का कार्य सर्वत्र चल रहा है।

श्री अरुण जी ने कहा कि संघ कार्य सामाजिक समरसता को पुष्ट करने का प्रयास है। अपने समाज में चल रही जातिवाद एवं कुरूतियों के कारण फैेलने वाली विषमता समाप्त करके एकरस समाज की पुनस्र्थापना हो यही संघ का प्रयास है। संघ की शाखाओं के माध्यम से और अन्य अनेकानेक कार्यक्रमों के माध्यम से यह कार्य सम्पन्न हो रहा है।आज की शिक्षा से मनुष्य संस्कार विहीन होता जा रहा है। इसी का परिणाम है कि देश को लूटने वाले मुट्ठी भर आये थे किन्तु करोडों लोगों पर सेकडों वर्षो तक शासन करते रहे। उन्होनें हिन्दूओं की फूट का लाभ उठाकर तथा उनकी कुरीतियों को हथियार बनाकर उन्हें लगातार कमजोर किया। डां केशव बलिराम हेडगेवार ने कांग्रेस में विभिन्न पदों पर रहकर तथा अनेक आंदोलनों में भाग लेकर यह अनुभव कर लिया था कि यदि हिन्दुस्थान से छुआछुत रुपी बीमारी को नही मिटाया नही गया तो देश स्वतंत्र होने के बाद भी स्वाबलंवी नही बन सकेगा। फलस्वरुप उन्होने 1925 में विजयदशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। अपनी स्थापना से ही संघ व्यक्ति निर्माण का कार्य करते हुए हिन्दू समाज को संगठित करने का कार्य लगातार कर रहा है।संघ के माध्यम से समय समय पर अनेक आंदोलन किये गये जिनके द्वारा हिन्दू समाज ने अपनी शक्ति को प्रदर्शित किया है। इन आंदोलनो में स्वतंत्रता के लिये किये गये प्रयास, हिन्दूओं को सुरक्षित पाकिस्तान से हिन्दूस्तान बापिस लाना, भारत चीन युद्ध में आंतरिक सुरक्षा व सेवा के कार्य करना, 1965 व 1971 के युद्ध में आंतरिक शांति बनाये रखना, आपातकाल का विरोध कर लोकतंत्र को पुनर्जीवित करना। 1990 में कारसेवा के द्वारा सम्पूर्ण देश में जनजाग्रति लाना, रामसेतु आंदोलन व अमरनाथ यात्रा पर लगे प्रतिबंधो का विरोध कर हिन्दू समाज की सोई शक्ति को जगाकर उसे स्वाभिमानी एवं संगठित समाज के रूप में पहचान दिलाना शामिल है ।

उन्होने संघ के स्वयंसेवकों कोे लगातार रचनात्मक कार्यों से जुडे रहने का संदेश दिया और कहा संघ के शिक्षा वर्ग की श्रृंखला देश के सारे प्रांतों में अभी सम्पन्न हुई है। कार्यकर्ताओं का बल इससे बढ़ेगा और मातृभूमि की सेवा में समर्पित होंगे।

कार्यक्रम के अध्यक्ष स्वामी नित्यचेतनजी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि संघ के पास अद्वितीय शक्तियां है अपने स्वये सेवको के द्वारा वह लगातार बढेगा ऐसा हमें विश्वास है। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथि स्वागत तत्पश्चात ध्वज मानवंदना, गणसमता, सामूहिक समता, योगचाप, नियुद्ध, घोष, दण्ड, दण्डयोग, सूर्यनमस्कार, योगासन, गीत आदि का प्रदर्शन स्वयंसेवकों द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में प्रांत संघचालक श्री सतीष पिंपलीकर, वर्गाधिकारी श्री प्रिभाकांत शुक्ला, जिला संघचालक श्री प्रभूषंकर उपस्थितरहे। वर्ग का प्रतिवेदन वर्गकार्यवाह श्री धन्नालाल दोगने द्वारा रखा गया तथा आभार वर्ग के प्रबंध प्रमुख श्री राजेश खोदरे द्वारा रखा गया।