संगठित व सबल हो, समाज के विकास में कार्य करें – चंद्रकांता जी

दिंनाक: 15 Jun 2017 23:30:11

नई दिल्ली (इंविसंकें). राष्ट्र सेविका समिति दिल्ली प्रान्त के शिक्षा वर्ग – प्रथम वर्ष (प्रशिक्षण शिविर) का 11 जून को समापन हुआ. 15 दिनों तक चलने वाले संघ शिक्षा वर्ग की वर्गाधिकारी साध्वी रमा भारती थीं.

समिति शिक्षा वर्ग के समापन के अवसर पर शिक्षार्थियों व अभिभावकों को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता चंद्रकांता जी (उत्तर क्षेत्र कार्यवाहिका, राष्ट्र सेविका समिति) ने कहा कि प्रशिक्षण शिविर से निकलने वाली शिक्षार्थी बहुमुखी प्रतिभा की धनी हों, ऐसा हमारा प्रयास है.

उन्होंने कहा कि एक महिला दो घरों को शिक्षित करती है. उन्होंने चिंता प्रकट करते हुए कहा कि मैकाले ने भारतीय शिक्षा पद्धति को बदलने काम किया है, जिसे हम आज भी लेकर चल रहे हैं. हमें समाज को जोड़ने के लिए महिला को संस्कारित करना है. समाज को यशस्वी बनाकर प्रेम, सद्भाव, जोड़ने की कला, तथा संस्कृति का स्वाभिमान जगाना है. चंद्रकांता जी ने कहा कि निर्बल की कोई नहीं सुनता, इसलिए हम सबल बनें, भयमुक्त समाज ही लक्ष्य प्राप्त कर सकता है. इजरायल जैसे देश ने संगठित हो कर ही दुनिया में अपनी पहचान बनाई है. इसलिए संगठित हो समाज के विकास में कार्य करें.

शिक्षा वर्ग – प्रथम वर्ष में दिल्ली प्रान्त के 30 जिलों से 144 सेविकाओं ने प्रशिक्षण लिया. वर्ग के समारोप कार्यक्रम में शिक्षार्थियों ने शारीरिक, घोष, योग, दंड, सांघिक गीत, कविता पाठ का प्रदर्शन किया. 15 दिन चले प्रवेश वर्ग प्रशिक्षण शिविर का प्रबंधन और संचालन प्रांत कार्यवाहिका सुनीता भाटिया और प्रांत प्रचारिका विजय शर्मा जी ने किया. इस अवसर पर संघ के अखिल भारतीय शारीरिक प्रमुख जगदीश जी उपस्थित थे.

इससे पूर्व 08 जून को प्रवेश वर्ग शिविर की शिक्षार्थियों का पथ संचलन निकाला. पथ संचलन लाजपत नगर के हेमनानी विद्यालय से प्रारम्भ होकर क्रमश : जे ब्लॉक, कृष्णा मार्केट, गुरुद्वारा होते हुए हेमनानी विद्यालय पर संपन्न हुआ. दिल्ली प्रांत कार्यवाहिका सुनीता भाटिया जी ने कहा कि विद्यालयों के ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बालिकाओं में मानसिक, आत्मिक, बौद्धिक, शारीरिक बल जगाने के लिए प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किये जाते हैं. समिति की संस्थापिका वन्दनीय लक्ष्मीबाई केलकर का विचार बताते हुए कहा कि पुरुष रथी है और स्त्री सारथी है. वह जीवन रूपी रथ को सही दिशा में ले जाती है. इस दिशा में राष्ट्र सेविका समिति के 52 सेवा कार्य देशभर में नियमित रूप से चल रहे हैं. शिविर का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मरक्षा व देश भक्ति की भावना बढ़ाना है.