सिख पंथ से गुजरात का खून का रिश्ता - विजय रुपानी

दिंनाक: 15 Jun 2017 23:48:06

अहमदाबाद (गांधी नगर) । सर्वंशदानी श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी महाराज के 350 वें प्रकाश पर्व वर्ष- 2017 को समर्पित ‘ साबरमती रिवर प्रफंट ’ में आयोजित महान समागम में लाखों संगतों को गौरवान्वित होते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री श्री विजय रुपानी जी ने विचार सांझे करते हुए कहा कि गुजरात और गुजरातवासी बहुत ही भाग्यशाली हैं कि सिख पंथ के खालसा सिरजना के ऐतिहासिक समागम में पांच प्यारों में से एक प्यारा भाई मोहकम सिंह शीश देने वाला द्वारका गुजरात से था। अतः सिख पंथ से गुजरात का खून का रिश्ता है। उनकी स्मृति में द्वारका में बने गुरुद्वारा साहिब को विश्व के पर्यटकों के लिए अत्यंत श्रद्धा का स्वरूप देने के लिए गुजरात सरकार 5 करोड़ रुपया खर्च करेगी। सिख पंथ के संस्थापक बाबा गुरु नानकदेव जी महाराज , जिन्होंने भारतीय संस्कृति एवं मानवता का सन्देश सारी दुनियां में पहुंचाकर हिन्दुस्थान को विश्व गुरु स्थान पर पहुंचाने का कार्य किया। उनकी स्मृति में बनें हुए लखपत गुरुद्वारा साहिब को भी चानन-मीनार बनानें के लिए गुजरात सरकार पांच करोड़ खर्च करेगी।

सिख पंथ हमारे हिन्दू समाज और देश समाज रक्षक हिन्दुस्थान का गौरव है। वह बहुत ही स्वाभिमानी पंथ है बल्कि देश , धर्म , समाज का रक्षक भी है। हमें गर्व है कि एक भी सिख ‘ भीख मांगता हुआ नहीं मिलेंगा ’ हिन्दुस्थान के कोने-कोने में बसें हुए सिख समाज ने हिन्दुस्थान के स्वतंत्राता आन्दोलन कृषि , यातायात एवं उद्योग , व्यवसायों में परिश्रम की पराकाष्ठा कर जो योगदान डाला है वह भारत का स्वर्णिम इतिहास है। गुजरात राज्य साहिब-ए-कमाल सर्वंशदानी श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी महाराज , जो त्याग , बलिदान , समर्पण , योद्धा, संत सिपाही , महान विद्वान , संगीतकार शस्त्रा और शास्त्रों के ज्ञाता तथा मानव जीवन के सभी पहलुओं के चानन मीनार हैं उनकी शिक्षाओं को ना केवल गुजरात , बल्कि देश के कोने-कोने में पहुंचाकर , हम गुजरातवासी अपने रिश्तें को साकार कर दिखाएंगे। बोले सो निहाल-सत् श्री अकाल के जयकारे के साथ लाखों संगतों ने अपनी श्रद्धा से आकाश गुंजा दिया।श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के जन्म स्थान श्री पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह जी ने मुख्यमंत्री श्री विजय रुपानी जी का आभार प्रदर्शित करते हुए कहा कि उन्होंने श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी महाराज का गुजरात की ध्रती पर प्रकाश पर्व मनाकर एक इतिहासिक कार्य किया है। सिख पंथ उन्हें हमेशा अपना स्नेह प्यार और सान्निध्य देता रहेगा। राष्ट्रीय सिख संगत के राष्ट्रीय अध्यक्ष स. गुजरचरन सिंह गिल ने ना केवल श्री विजय रुपानी जी को ध्न्यवाद दिया , बल्कि हिन्दु धर्म , समाज , देश रक्षक श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के प्रति प्रकट की गई श्रद्धा का सारे देश को अनुकरण करने का आह्वान किया। लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी द्वारा गठित श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी की 350 वीं प्रकाश पर्व की राष्ट्रीय समिति के सदस्य डॉ. अवतार सिंह शास्त्री , स. बलजीत सिंह संधू एवं गैर सरकारी राष्ट्रीय अभियान के महासचिव श्री अविनाश जायसवाल ने संगतों का आह्वान किया कि श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी की शिक्षाओं को देश के 29 के 29 प्रान्तों में पहुंचाने में अपना भरपूर योगदान डालें। इस पावन अवसर पर गुजरात के गृहमंत्री श्री प्रदीप सिंह जड़ेजा , सांस्कृतिक एवं पर्यटन मंत्री श्री गणपत भाई बसावा , शिक्षा मंत्री श्री भूपेन्दर सिंह चुड़ासमा , कृषि मंत्री श्री चिम्मन भाई सपारिया , सामाजिक एवं कल्याण मंत्री श्री आत्माराम परमार , परिवार कल्याण मंत्री श्रीमती निर्मलाबेन वादवानी , परिवहन मंत्री श्री वल्लभ भाई काकड़िया , दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंध्क कमेटी के सत्कारयोग अध्यक्ष स. मनजीत सिंह जी.के. , तख्त दमदमा साहिब के सत्कारयोग सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह जी , जत्थेदार गुरु की काशी श्री दमदमा साहिब हजूरी रागी , हजारों की संख्या में पूज्य सिंधी पंचायत , सिकलीगर और बनजारा समाज के अनेकों गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी गुरु चरणों में हाजरी लगवाई।