जानें रामनाथ कोविंद के बारे में कुछ खास बाते

दिंनाक: 19 Jun 2017 17:20:23

बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद होंगे एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी l जानें उनके बारे में कुछ ख़ास बातें.......

वर्ष 1994 से 2006 के बीच दो बार राज्यसभा सदस्य रह चुके रामनाथ कोविंद उत्तर प्रदेश के कानपुर से हैं. पेशे से वकील कोविंद भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रमुख भी रहे हैं.

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना में दोनों नियुक्तियों की जानकारी दी गयी है. दोनों की नियुक्तियां उनके कार्यभार ग्रहण करने की तारीखों से प्रभावी हो जाएंगी.

- बिहार का राज्यपाल नियुक्त रामनाथ कोविंद उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के निवासी हैं

- वे 1977 में पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के विशेष कार्यकारी अधिकारी रहे चुके हैं

- कोविंद दो बार राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं

- दो बार भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राष्ट्रीय प्रवक्ता ,उत्तर प्रदेश के महामंत्री रह चुके हैं

- हरिद्वार में गंगा के तट पर स्थित कुष्ठ रोगियों की सेवा के लिए समर्पित संस्था दिव्य प्रेम सेवा मिशन के आजीवन संरक्षक

- परिवार में पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री है

- केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद कोविंद उत्तर प्रदेश से राज्यपाल बनने वाले तीसरे व्यक्ति हैं

कानपुर देहात में हुआ जन्म 

कानपुर देहात की डेरापुर तहसील के गांव परौंख में जन्मे रामनाथ कोविंद ने सर्वोच्च न्यायालय में वकालत से कॅरियर की शुरुआत की थी. वर्ष 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद वह तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई के निजी सचिव बने थे, इसके बाद भाजपा नेतृत्व के संपर्क में आए.

आईएएस परीक्षा में तीसरे प्रयास में मिली थी सफलता

परौख गांव में 1945 में जन्मे रामनाथ कोविद की प्रारंभिक शिक्षा संदलपुर ब्लाक के ग्राम खानपुर परिषदीय प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय हुई. कानपुर नगर के बीएनएसडी इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद डीएवी कॉलेज से बी कॉम व डीएवी लॉ कालेज से विधि स्नातक की पढ़ाई पूरी की.

इसके बाद दिल्ली में रहकर आईएएस की परीक्षा तीसरे प्रयास में पास की. लेकिन मुख्य सेवा के बजाय एलायड सेवा में चयन होने पर नौकरी ठुकरा दी. जून 1975 में आपातकाल के बाद जनता पार्टी की सरकार बनने पर वे वित्त मंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव रहे थे. जनता पार्टी की सरकार में सुप्रीम कोर्ट के जूनियर काउंसलर के पद पर कार्य किया.

मकान को बना दिया बारातशाला

बिहार के राज्यपाल बनाए गए रामनाथ कोविद तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं. परौख गांव में कोविद अपना पैतृक मकान बारातशाला के रूप में दान कर चुके हैं. बड़े भाई प्यारेलाल व स्वर्गीय शिवबालक राम हैं.