योग्य बनना है तो कर्तृत्व पर ध्यान दें : सरसंघचालक जी

दिंनाक: 14 Jul 2017 11:56:08

नई दिल्ली, 12 जुलाई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि कर्तृत्व संपन्न लोगों के चरित्र लिखे जाते हैं। जिनको बाहरी जगत में करिश्माई नेता कहा जाता है उनके जीवन चरित्र लिखे जाते हैं। इससे पहले भी श्री नरेन्द्र मोदी के जीवन पर वृत्तांत आए हैं किन्तु इस बार उसको लिखने वाले सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉ. विन्देश्वर पाठक जी का भी जीवन तथा कर्तृत्व सम्पन्नता नरेन्द्र मोदी जी की ही तरह है, इसलिए मैंने यहां आना स्वीकार किया। व्यक्तित्व जो दिखता है और जो होता है उसमें एकरूपता होनी चाहिए। पीएम मोदी व्यक्तित्व, कर्तृत्व और नेतृत्व की वजह से आज हम सभी के लिए ध्यान देने योग्य हैं। इस पुस्तक से उनके बारे में जानें ये उनके लिए नहीं हमारे लिए जरूरी है। व्यक्तित्व की चमक उनकी बाहर से दिखने वाली सम्पदा से नहीं आती उनके मन के अन्दर की सम्पदा से आती है। नरेन्द्र भाई एक व्यक्ति के नाते, एक स्वयंसेवक के नाते, एक कार्यकर्ता के नाते गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से पहले जैसे थे वैसे आज भी हैं। प्रसिद्धि के प्रकाश में रहते हुए भी अपने व्रत को निभाते हुए चलना नरेन्द्र भाई मोदी को आता है, ऐसा डॉ. पाठक का भी कर्तृत्व है। डॉ. मोहन भागवत सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉ. विन्देश्वर पाठक द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जीवन पर आधारित पुस्तक 'द मेकिंग ऑफ अ लीजेंड' को लोकार्पण के अवसर पर नई दिल्ली स्थित मावलंकर हॉल में सभा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने इस अवसर पर बताया कि अगर हमको योग्य बनना है तो कर्तृत्व संपन्न लोगों के कर्तृत्व के पीछे क्या है, कर्तृत्व का मूल कहां है यह जानना आवश्यक है। किसी भी कार्य को असंभव ना मानते हुए, जो होना चाहिए वो करने के लिए प्रयत्न करना, होना क्या चाहिए इसकी बात तो आजादी के बाद अपने देश में निरंतर चली है, 70 साल से नहीं हुई, अब हो रही है तो क्यों हो रही है। कर रहे हैं इसलिए हो रही है, कर क्यों रहे हैं, क्योंकि उसको असंभव नहीं मानते तो कर के देखेंगे, कैसे करना है सोचेंगे। ऐसा नहीं होता तो वैसा करके देखेंगे। यह कर्तृत्व के पीछे छिपा कर्तृत्व है जिस पर हमारा ध्यान जाना चाहिए।  

 देश के गांव-गांव में सुलभ शौचालय बनवा कर सिर पर मैला ढोने की अमानवीय प्रथा से वाल्मीकि समाज को मुक्ति दिलाने वाले सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक तथा पुस्तक के लेखक डॉ। विन्देश्वर पाठक ने इस अवसर पर कहा कि या तो हिन्दू धर्म रहेगा या इसमें व्याप्त छुआछूत। हिन्दू धर्म तो रहेगा लेकिन हम लोग छुआछूत को इस देश से समाप्त कर देंगे।  

 भाजपा अध्यक्ष श्री अमित शाह ने बताया कि कैसे एक गरीब घर में जन्मा बालक कर्तव्य परायणता और ईश्वर प्रदत्त गुणों के कारण सर्वोच्च पद तक पहुंचा। यह पुस्तक ऐसे श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी के जीवन की सचित्र गाथा है। कार्यक्रम में भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष डॉ. बलदेव भाई शर्मा ने की।