पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ एनडीटीएफ का प्रदर्शन

दिंनाक: 25 Jul 2017 14:05:02

नई दिल्ली, 24 जुलाई. दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर राकेश सिन्हा के खिलाफ पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार द्वारा दायर की गयी एफआईआर के विरोध में दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर में आर्ट फेकल्टी के बाहर नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर फ्रंट के तत्वावधान में धरना एवं विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया.

नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर फ्रंट के अध्यक्ष श्री ए.के. भागी ने इस विषय पर बताया कि प्रो. राकेश सिन्हा पर दायर की गयी एफआईआर पूर्णतः गलत है, उन्होंने कभी भी किसी धर्म, जाति के खिलाफ अपमानजनक बातें नहीं कीं.

धरने में मौजूद देश के प्रथम शिक्षा मंत्री डॉ. अब्दुल कलाम आज़ाद के पौत्र श्री फ़िरोज़ बख्त आज़ाद के हैरानी जताते हुए कहा कि वामपंथ की सरकार से भी बदत्तर काम ममता सरकार कर रही है, जिसका प्रमाण राकेश सिन्हा जैसे राष्ट्रवादी व्यक्ति पर एफआईआर करना है. श्री सिन्हा ने कभी भी मुसलामानों के लिए अपमानजनक बातें नहीं की. ऐसा वह हम सभी के साथ भी कर सकती हैं, इसलिए यह विरोध प्रदर्शन यहाँ करना आवश्यक था.

पश्चिम बंगाल की वर्तमान स्थिति से भलीभांति परिचित राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली ने धरने में विरोध जताते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने तो दीदी शब्द को ही शर्मसार कर दिया है. प. बंगाल में अपराध की घटनाएं पुलिस रिकॉर्ड में बहुत कम हो गई हैं, इसका अर्थ यह नहीं है कि वहां अपराध नहीं हो रहे, जबकि वास्तविकता यह है कि वहां अपराधों की रिपोर्ट पुलिस द्वारा दर्ज ही नहीं की जा रही हैं. राज्य में हिन्दुओं के साथ ज्यादती हो रही है और ज्यादती करने वालों पर पश्चिम बंगाल सरकार का संरक्षण है. राज्य में हिन्दुओं की बहु बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, आए दिन उनके साथ होने वाली अमानवीय घटनाएं सामने आ रही हैं. उन्होंने प्रो. राकेश सिन्हा के समर्थन में कहा कि उनके खिलाफ की गयी एफआईआर पूर्णतः आधारहीन है.

धरने की समाप्ति पर एन.डी.टी.एफ. की ओर से एक प्रतिनिधि मंडल ने माननीय राज्यपाल महोदय को इस सदर्भ में ज्ञापन देने का निश्चय किया गया, जिसमें प्रो. राकेश सिन्हा के खिलाफ एफआईआर वापस लेने की मांग की गयी है. एन.डी.टी.एफ. द्वारा दिए गए इस धरने में दिल्ली विश्वविद्यालय के लगभग 500 छात्र और प्राध्यापक उपस्थित थे.