आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 28 Jul 2017 17:20:10

जिस तरह से विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न  धाराएँ अपना जल समुद्र में मिला देती हैं ,उसी प्रकार मनुष्य द्वारा चुना हर मार्ग, चाहे अच्छा हो या बुरा भगवान तक  जाता है-स्वामी विवेकानंद