अखण्ड भारत का स्मरण और संकल्प

दिंनाक: 16 Aug 2017 20:58:31

बैतूल l जब किसी ने सोचा नहीं था कि भारत खण्डित हो जायेगा और १९४७ में हो गया | आज तो हम भारत को अखण्ड करने का संकल्प ले रहे हैं | तो तय मानिए यह होकर रहेगा |

कैसे होगा ?

कब होगा ??

निश्चित कहना कठिन है | लेकिन महर्षि अरविन्द और गुरूजी गोलवलकर की भविष्यवाणी साकार होगी कि "भारत को अखण्ड होना ही होगा, क्योंकि विभाजन अप्राकृतिक है" | 

इसलिए आजादी के बाद भी देश के नेतृत्व ने हमारे राष्ट्रगान में "पंजाब, सिंध और बंग को हटाया नहीं | जबकि सिंध हमारे पास नहीं हैं तथा पंजाब और बंग भी खण्डित है | इसलिए यह हर शिक्षक का कर्त्तव्य बनता है कि वह अपने विद्यार्थियों को पंजाब, सिंध और बंग के बारे में बताएं | 

स्वतन्त्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भारत-भारती आवासीय विद्यालय जामठी, बैतूल के छात्रों ने अखण्डभारत की आकृति बनाकर भारत-माता की आरती उतारी ।