आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 18 Aug 2017 11:54:37

यदि  स्वयं  में  विश्वास  करना  और  अधिक  विस्तार  से  पढाया और  अभ्यास कराया   गया  होता  , तो  मुझे  यकीन  है  कि बुराइयों  और  दुःख  का  एक  बहुत  बड़ा हिस्सा  गायब  हो  गया होता-स्वामी विवेकानंद