आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 02 Aug 2017 17:59:00

कभी मत सोचिये कि आत्मा के लिए कुछ असंभव है l ऐसा सोचना सबसे बड़ा विधर्म है l अगर कोई  पाप है, तो वो यही है- ये कहना कि तुम निर्बल  हो या अन्य निर्बल हैं -स्वामी विवेकानंद