कृषि संस्कृति का महापर्व "पोला"

दिंनाक: 21 Aug 2017 21:03:28

आज भारत की कृषि संस्कृति का महापर्व "पोला" है | विशेषकर दक्षिण भारत में भाद्रपद अमावस्या को मनाया जाने वाला यह पर्व कृषि का आधार बैलों की पूजा के लिए जाना जाता है | इस दिन बैलों का विशेष श्रृंगार कर उन्हें पूजा जाता है तथा तरह-तरह के पकवान बनाकर बैलों को खिलाया जाता है | इस समय जुताई का कोई काम नहीं होने से बैलों को दौड़ाया भी जाता है ताकि उनकी कार्य क्षमता बनी रहे और आगामी खेत जुताई के लिए तैयार रहे |

खेती करने की नई-नई तकनीकें आती और जाती रहेगी, लैकिन बैल सदियों से हैं और सदियों तक चलेंगे | आइये आज के दिन संकल्प करें कि भारतीय कृषि व्यवस्था का मूल आधार गोमाता को बचायें | गाय बचेगी तो बैल बचेगा और बैल बचेगा तो खेती बचेगी और खेती बची तो ही भारत बचेगा |

सभी कृषक मित्रों को बधाई-शुभकामनाएँ !

|| जय बलराम ! जय गोमाता ||

जैविक कृषि भारत भारती