आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 25 Aug 2017 19:12:13

भला  हम  भगवान  को  खोजने  कहाँ  जा  सकते  हैं  अगर  उसे अपने  ह्रदय  और हर एक  जीवित  प्राणी  में  नहीं  देख  सकते -स्वामी विवेकानंद