शाखाएं समाज हित के उपक्रम की योजना करें – डॉ. मोहन भागवत जी

दिंनाक: 15 Sep 2017 14:58:14

जयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि राजस्थान में जिन शाखाओं को पर्याप्त समय हुआ है, उन शाखाओं को समाज परिवर्तन के लिए समाज हित के उपक्रम प्रारंभ कर अपनी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए. सरसंघचालक जी ने गुरूवार को जयपुर के भारती भवन में आयोजित संघ के राजस्थान क्षेत्र की कार्यकारिणी की बैठक को सम्बोधित किया.

राजस्थान क्षेत्र के संघचालक डॉ. भगवती प्रसाद जी ने पत्रकारों को क्षेत्र कार्यकारिणी बैठक के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि शाखा कार्य को केंद्र बिन्दु मानते हुए शाखाएं हिन्दू समाज के संगठन के साथ-साथ समाज की आवश्यकता के अनुरूप समाज हित के उपक्रम भी प्रारंभ करें, जैसे परिवार परामर्श केंद्रजैविक खेतीजल संरक्षणपौधारोपण व आरोग्य चेतना जैसे छोटे-छोटे कार्यक्रम नगरों की बस्तियों व ग्रामों में प्रारंभ किए जाएं ताकि समाज परिवर्तन का कार्य तेज गति से हो सके.

सरसंघचालक ने कहा कि विद्यार्थी एवं युवा व्यवसायी शाखाओं के माध्यम से स्वयंसेवकों का कौशल विकास भी होते रहना चाहिए. इसके लिए नैपुण्य वर्गअभ्यास वर्ग व कार्यशालाओं का समय समय पर आयोजन करना चाहिए. छोटी-छोटी बातों पर समग्रता के साथ चिंतन होना चाहिए.

क्षेत्र कार्यकारिणी बैठक में शाखासंगठन व जागरण श्रेणी और गतिविधि व सदस्य कार्यकर्ताओं के साथ तीनों प्रांतों के संघचालककार्यवाह सह-कार्यवाहप्रचारक व सह-प्रचारक भी उपस्थित रहे. बैठक में कुल तीन सत्रों में विचार-विमर्श हुआ.

बैठक में शाखा कार्य की समीक्षा करते हुए शाखाओं को उपक्रम शील बनाने पर चिंतन हुआ. उन्होंने कहा कि अपनी शक्ति का योग्य आंकलन कर परिस्थिति को समझते हुए हम संपूर्ण समाज को जोड़ने के कार्य को तीव्र गति प्रदान करें.

बैठक में राजस्थान क्षेत्र के कार्यकर्त्ताओं ने क्षेत्र में चल रहे पर्यावरण, परिवार परामर्श केंद्रजैविक खेतीजल संरक्षणपौधा रोपण व आरोग्य चेतना जैसे कार्यों पर चर्चा की. जिसमें राजस्थान के भीलवाड़ा क्षेत्र में जल संरक्षण पर काम कर रहे अमृता देवी पर्यावरण (अपना) संस्थान के कार्य को उल्लेखित किया गया. अपना संस्थान ने गत वर्ष लगभग तीन लाख पौधे लगाए. आज उनकी सार संभाल विभिन्न शाखाओं के माध्यम से स्वयंसवेक उनका जन्मदिन मनाकर कर रहे हैं.