इलेक्ट्रॉनिक कचरा -पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती

दिंनाक: 21 Sep 2017 21:17:04

E-waste अर्थात इलेक्ट्रॉनिक कचरा पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती है लेकिन इस बारे में अभी समाज में जागरूकता कम ही है। इस हेतु पूरे संभाग की एकमात्र अटल टिंकरिंग लैब(जो सरस्वती शिशु मंदिर टिमरनी में है) ने बीड़ा उठाया। पहले कुछ दिन भैया-बहिनों को E-waste की जानकारी दी गई कि कैसे लेड्विस्मथ मरकरी जैसे हानिकारक तत्व इससे निकलते है। जो मनुष्य एवं पर्यावरण के लिये घातक हैं। इसके बाद हाथ में पत्रक लेकर दस -दस संख्या में बीस समूह बनाकर कक्षा 9 से 12 के भैया -बहिनों ने नगर में संपर्क किया एवं लोगों को E-waste के बारे में बताया तथा इसे विद्यालय में देने की अपील की जिसके परिणाम स्वरूप तीन दिनों में ही खराब मोबाइल, चार्जर, टी.बी, कम्प्यूटर मॉनिटर, रिमोट जैसी अन्य वस्तुएँ 260 किलो ग्राम की मात्रा में कचरे के रूप में प्राप्त हुए।

इसके द्वितीय चरण में भैया-बहिनों ने विशेषज्ञों की देखरेख में सुरक्षित तरीके से इन उपकरणों को खोला एवं चुम्बक, स्पीकर, ट्रॉजिस्टर जैसे उपयोगी प्रायोगिक सामग्री को अपने पास रखा। इसके अलावा एल.सी.डी. मॉनिटर से निकाली गई पोलाराइड फिल्म से प्रकाश के धुव्रीकरण सिद्धांत को समझना विशेष उल्लेखनीय रहा।

अन्तिम चरण में ग्रेसिम लिमिटेड मुंबई के मार्गदर्शन में इस कचरे को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्राप्त केन्द्र में RECYCLING के लिए भेजा जावेगा।