संघ भारत के सांस्कृतिक व आध्यात्मिक ज्ञान, बौद्धिक संपदा के संवर्धन का कार्य कर रहा – विजय कुमार जी

दिंनाक: 26 Sep 2017 18:06:13

हरियाणा. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कैथल द्वारा संघ शक्ति संगम का आयोजन हिन्दू महिला महाविद्यालय, अंबाला रोड, कैथल में किया गया. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रान्त प्रचारक विजय कुमार जी ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने विजयादशमी के पावन अवसर पर की थी. संघ की स्थापना का मुख्य उद्देश्य देश की सोई हुई चेतना को जगाना, सांस्कृतिक एवं सामाजिक मूल्यों का निर्माण, देश में एकता व अखंडता की भावना जगाना था. आज संघ विश्व का सबसे बड़ा संगठन है जो देश की संस्कृति, एकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण बनाये रखने के साथ साथ भारत को जगतगुरु बनाने की लिए कटिबद्ध है. संघ भारत की संस्कृति, आध्यात्मिक ज्ञान, बौद्धिक सम्पदा के संवर्धन का कार्य कर रहा है, उन्होंने आह्वान किया कि आज समय की यही पुकार है कि जाति, वर्ग, भाषा के बंधन को तोड़ते हुए हम सभी देश एवं समाज के लिए संगठित होकर कार्य करें.

उन्होंने कहा कि सभी का लक्ष्य होना चाहिए कि देश मेरा, मैं देश के लिए. संघ की देश के लिए परिकल्पना एक जीते जागते राष्ट्र की है, जिसे हम भारत माता के नाम से जानते हैं और हमारा हर कार्य इस अनुभूति के साथ होना चाहिए कि मैं जो भी करूँ वह मेरी भारत माता, मेरे देश, मेरे समाज की लिए कर रहा हूँ. देश एवं समाज के लिए किया जाने वाला कार्य ईश्वरीय कार्य है और इसे करने में गर्व का अनुभव होना चाहिए. उन्होंने कहा कि नवरात्री का पर्व शक्ति की उपासना का पर्व है, हम शक्ति के उपासक हैं. हम अपने पुरुषार्थ में विश्वास रखते हैं. आज हमें मात्र अपने पुरुषार्थ को जगाना है और अपने विश्वास को जागृत करना है. आज समाज के लोग संघ के बारे में इन्टरनेट के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं,  joinrss के माध्यम से संगठन से जुड़ने के लिए ऑनलाइन निवेदन भेज रहे हैं.

कार्यक्रम में कैथल जिले के 1000 से अधिक स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश (यूनिफार्म) में उपस्थित थे. कार्यक्रम में सभी आयुवर्ग के स्वयंसेवक उपस्थित थे. कार्यक्रम का प्रबंधन एवं संचालन पूर्णतया अनुशासन के साथ किया गया. घोष (बैंड) के स्वयंसेवकों द्वारा देशभक्ति गीतों की मनोहर धुन राष्ट्र भक्ति से ओत-प्रोत वातावरण का निर्माण कर रही थी. सभी का तिलक लगाकर स्वागत किया गया.