आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 03 Sep 2017 21:13:41

जो  अग्नि  हमें  गर्मी  देती  है  , हमें  नष्ट   भी  कर  सकती  है ; यह  अग्नि  का दोष  नहीं  है-स्वामी विवेकानंद