विद्याभारती द्वारा दिए गए संस्कार एवं नैतिक मूल्यों का समाज एवं देश की प्रगति में योगदान करना आज की महती आवश्यकता है - हितानंद शर्मा

दिंनाक: 04 Sep 2017 21:26:39

भोपाल - विद्या भारती मध्यभारत प्रांत द्वारा आयोजित एक दिवसीय विद्याभारती पूर्वछात्र परिषद प्रांत बैठक स्थानीय विद्याभारती प्रांतीय कार्यालय, ‘‘ प्रज्ञादीप’’ हर्षवर्धन नगर, भोपाल मे सम्पन्न।

इस अवसर पर पूर्वछात्रों को सम्बोधित करते हुए श्री हितानंद शर्मा (संगठनमंत्री, मध्यभारत प्रांत) ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्याभारती से शिक्षा ग्रहण करने के बाद पूर्व छात्र आज के समय में सम्पूर्ण देश एवं विदेश में प्रशासनिक, सामाजिक, तकनीकि, विज्ञान, दूरसंचार आदि क्षेत्रों में कार्यरत् होते हुए भी विद्याभारती द्वारा दिए गए संस्कारों से देश का संचालन एवं मार्गदर्शन कर रहें हैं। विद्याभारती द्वारा दिए गए संस्कार एवं नैतिक मूल्यों को समाज एवं देश की प्रगति में योगदान करना आज की महती आवश्यकता है। इस बैठक में प्रांत से आए सभी पूर्व छात्रों को संकल्प लेकर देश एवं समाज का उत्थान करना है।

विद्याभारती द्वारा दिए गए संस्कारों के माध्यम से हम विद्यालय, समाज, देश, एवं राष्ट्र की उन्नति में हमारी क्या भूमिका हो सकती है, इस पर विचार किया गया। अभी तक लगभग 45 हजार पूर्व छात्रों ने विद्याभारती मध्यभारत प्रांत के विद्यालयों से शिक्षा ग्रहण की है। इतना बड़ा पूर्व छात्रों का समूह भारत एवं समाज के उत्थान में अहम भूमिका निभा सकता है। इस हेतु हमें विद्यालय स्तर, जिला स्तर, संभाग स्तर की योजना बनानी है तथा हमें आगामी योजना तैयार कर लक्ष्य निर्धारित करना है।

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में श्री राकेश शर्मा (क्षेत्रीय पूर्वछात्र प्रमुख, भोपाल) ने पी.पी.टी के माध्यम से बताया कि विद्याभारती द्वारा शिक्षा ग्रहण किए गए छात्रों का वर्तमान में क्या योगदान है । वह समाज के लिए क्या-क्या कार्य कर रहे हैं। बैठक में उपस्थित मध्यभारत प्रांत के पूर्व छात्रों को भी इस प्रकार के कार्यो से प्रेरणा लेना चाहिए। बैठक में उपस्थित सभी पूर्वछात्रों ने संकल्प लिया कि हम भी अपने-अपने क्षेत्रों में इस प्रकार के समाजिक एवं देश हित के कार्य करेगें।

कार्यक्रम का संचालन श्री आशीष बाजपेयी (पूर्वछात्र) शिवाजी नगर, भोपाल ने किया। कार्यक्रम में मध्यभारत प्रांत के लगभग 40 पूर्वछात्र उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन सत्र में डॉ. रविन्द्र कान्हेरे (कुलपति, भोजमुक्त विश्वविद्यालय, भोपाल एवं अध्यक्ष, सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान) ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज तक विद्याभारती द्वारा संचालित विद्यालयों में जिन छात्रों ने शिक्षा ग्रहण की है और वह विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। उन्हें सोचना है कि आज देश को तोड़ने का जो षड़यन्त्र चलाया जा रहा है उस षड़यन्त्र के खिलाफ हमें आगे आना है। हमें एक सशक्त समाज, देश एवं राष्ट्र का निर्माण करना है। हमारा उद्देश्य होना चाहिए कि हम विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लगन एवं मेहनत से अच्छा प्रदर्शन करें।

कार्यक्रम में विशेष रुप से श्री रामकुमार भावसार (प्रांत प्रमुख, नगरीय शिक्षा), श्री केशलता रघुवंशी (सदस्य, सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान, भोपाल), श्री प्रबुद्ध गर्ग (अध्यक्ष, पूर्वछात्र परिषद, मध्यभारत प्रांत) श्री रीतेश टोकसे (पूर्व छात्र, मध्यभारत प्रांत प्रमुख) एवं श्रीमती मनीषा शर्मा (बहिनो की पूर्वछात्र, सचिव) आदि उपस्थित रहे। बैठक का आभार व्यक्त श्री रितेश टोकसे (प्रांत प्रमुख, पूर्वछात्र परिषद) ने किया। शांतिमंत्र के साथ बैठक का समापन किया गया।