सरस्वती विद्यापीठ ने लगभग 300 शिक्षकों को किया सम्मानित

दिंनाक: 05 Sep 2017 20:58:28

विद्याभारती द्वारा संचालित सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय में शिक्षक दिवस के अवसर पर शिवपुरी नगर के 23 विद्यालयों के लगभग 300 शिक्षकों का सम्मान किया गया l शिक्षकों के सम्मान में विद्यापीठ के भैयाओं द्वारा शिक्षकों का तिलक लगाकर एवं साहित्य भेंट किया गया l शिक्षक दिवस के अवसर पर सरस्वती विद्यापीठ बाल संचालित रहा जिसमे कक्षा 12वीं के छात्र गोविन्द सिंह कुशवाहा प्राचार्य की भूमिका में तथा उनके सहयोगी के रूप में कक्षा 12वीं के छात्र रहे l

सरस्वती विद्यापीठ में आयोजित आचार्य सम्मान समारोह कार्यक्रम तात्याटोपे बाल कल्याण समिति के तत्वाधान में शिक्षक सम्मान समारोह के रूप में आयोजित किया गया l जिसमे सरस्वती विद्यापीठ सहित नगर में संचालित सरस्वती शिशु मंदिर अस्पताल चौराहा तथा राघवेन्द्र नगर के आचार्य दीदी को सम्मानित किया गया l जिसमे मुख्य अतिथि श्री शिरोमणि जी दुबे (प्रांतीय समिति उपाध्यक्ष विद्याभारती मध्यभारत प्रांत तथा डी.पी.सी. शिवपुरी) तथा विशिष्ट अतिथि श्री ज्ञानसिंह कौरव (विभाग समन्वय शिवपुरी विभाग विध्य्भारते मध्यभारत प्रांत ) तथा पुरषोत्तम जी गौतम (वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षक) उपस्थित रहेl

कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती एवं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन क्र सरस्वती वंदना के साथ किया गया l अतिथि परिचय श्री उमेश जी भारद्वाज द्वारा, अति स्वागत श्रीमती सुधा मंगल दीदी तथा प्रस्तावना भाषण श्री राजेश जी भार्गव, अमृत वचन श्री जितेन्द्र परसाई सरस्वती विद्यापीठ, व्यक्तिगत गीत श्री संजय पाराशर प्राचार्य सरस्वती शिशु मंदिर अस्पताल चौराहा तथा स्वचरित काव्यपाठ कु. भावना दुबे द्वारा किया गया l

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि भारत देश में गुरु शिष्य परंपरा सदियों से ही अनवरत अहर्निश प्रवाहित हो रही गुरु सदैव चिंतनरत रहता है, कि समाज को कैसे श्रेष्ठ बनाया जाए तथा व्यक्ति की बुराइयों से उन्हें अवगत कराकर नई दिशा दिखा कर समाज परिवर्तित कैसे किया जाये l शिक्षा उस सरगम का नाम है जो गीत बन जाये न कि अंक पत्र, डिग्री प्रद करना l श्री पाण्डेय ने कहा कि डॉ राधाकृष्णन ने भारतीय दर्शन को विदेशों में भी विषम परिस्थिति में भी अपने आचरण एवं कृतित्व के द्वारा सम्मान दिलाया l श्री राधाकृष्णन के द्वारा बताये गये आदर्श एवं सिद्धांतों को अपनाना चाहिए तथा शिष्य का काठिन्य निवारण गुरु के द्वारा ही होता है l हम उद्देश्य श्री राधाकृष्णन के कृतित्व एवं भारतीय दर्शन के सही ज्ञान एवं परम्परा को विकसित कर स्वयं को स्वाध्याय, चिंतन एवं मनन के द्वारा प्रखर एवं तेजस्वी बनाना है l

कार्यक्रम के अंत में श्री कृष्णदेव गुप्ता के द्वारा किया गया l इस अवसर पर विद्याभारती शिवपुरी विभाग प्रचार प्रमुख श्री दिलीप शर्मा एवं विध्याभारती शिवपुरी जिला प्रचार प्रमुख श्री अरविन्द जी सहित तात्याटोपे बाल कल्याण समिति के पदाधिकारी तथा समस्त आचार्य परिवार एवं भैया उपथित रहे l