आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 07 Sep 2017 18:56:13

यह  भगवान  से  प्रेम  का  बंधन  वास्तव  में ऐसा है  जो  आत्मा को बांधता  नहीं है  बल्कि  प्रभावी  ढंग  से  उसके  सारे  बंधन  तोड़ देता  है-स्वामी विवेकानंद