प्रकृति से जनमानस को जोड़ने ग्राम-पदयात्रा कर रहे प्रचारक

दिंनाक: 12 Jan 2018 15:38:51


भोपाल(विसंके). ग्राम विकास पदयात्रा प्रकृति-समाज-देश के प्रति दायित्वबोध जगाने की यात्रा है. भारत माता, धरती माता, गंगा माता, गौमाता और तुलसी माता की जय-जयकार करके हम प्रकृति, देश-समाज अपनी सभ्यता और संस्कृति के प्रति आभार प्रकट करते है. विश्व में भारत एकमात्र ऐसा देश है, जिसके साथ माता की उपाधि जुडी है.

यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त प्रचार प्रमुख ओमप्रकाश सिसोदिया ने शनिवार को धर्मपुर मंडल के मालवार और टेमरू गाँव में विकास पदयात्रा के दौरान आयोजित सभाओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किये. उन्होंने ग्राम विकास प्रमुख सुखराम साहू, कैलाश यादव, अमित दास, विशाल बतरा, संजीव राय, राजीव खंडेलवाल, आशीष वागद्रे, पीरु सिंह भलावी समेत स्वयंसेवको के साथ विष्णुपुर से मलवर, टेमरू, त्वाकाती, गोल्हाई बुजुर्ग, क्तासुर होते हुए शिवसागर तक 20 किमी. की पदयात्रा की. घोडाडोंगरी खंड में ग्राम विकास पद यात्रा पूरे एक माह तक चलेगी. ग्राम विकास पदयात्रा जहां भी पहुच रही है. वहां ग्रामवासियों द्वारा ग्राम के मेंढे पर पहुचकर यात्रा का स्वागत किया जा रहा है. यात्रा जिस गाँव से आगे रवाना होती है. उस गाँव का कोई व्यक्ति भारत माता का चित्र और भगवा ध्वज हाथो में लेकर यात्रा की अगुवाई करते हुए चलता है. यात्रा जिस गाँव में पहुचने वाली होती है उस गाँव के लोग पहले ही गाँव के बहार मेंढे पर एकत्र रहते है और पदयात्रा की अगवानी करते है. ग्रामवासियों द्वारा पदयात्रा में रखे जा रहे विषयो को आत्मसात करने का संकल्प भी लिया जा रहा है.

मंगलवार की सुबह बादलपुर, घोघरी, पहाड़पुर, गोपालपुर के रास्ते शक्तिगढ़ ग्राम में पहुँची यात्रा 1 जनवरी से ग्राम चोपना से प्रारंभ हुई अभी तक 10 मंडलो के 49 ग्रामो में पहुच चुकी है. पदयात्रा के दौरान  मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक श्री सुरेन्द्र सोलंकी ने बताया कि ग्राम विकास यात्रा गाँव को स्वावलंबी बनाने, नारीशक्ति के सशक्तिकरण, युवाओ को रोजगार हेतु कौशल विकास, जलसंरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय को लेकर निकाली जा रही है. श्री सोलंकी ने महिलाओं को स्वसहायता समूह के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूती एवं सशक्तिकरण के विषय पर प्रकाश डालते हुए चोपना के धरमपुर ग्राम के स्वसहायता समूह द्वारा चिक्की का उत्पादन एवं स्कूलों में वितरण का उदाहरण भी दिया. उन्होंने बताया कि भारत वर्ष में  माता के संस्कारों के कारण ही पुरुष सतमार्ग पर चलकर बड़ी संख्या में महापुरुष बने है. युवाओ के रोजगार के विषय पर ग्राम विकास समिति द्वारा युवाओ को कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान करने की बात कही.