धारा 370 को हटाने से भारत की कीर्ति और यश बढ़ेगा – इन्द्रेश कुमार जी

दिंनाक: 15 Jan 2018 14:13:05


जयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इन्द्रेश कुमार जी ने कहा कि धारा 370 को हटाने से भारत की कीर्ति और यश बढ़ेगा. देश का भविष्य बदलेगा तथा नई दशा और दिशा की तरफ बढ़ेगा. इन्द्रेश जी जयपुर में 10 जनवरी से चल रही युवा ससंद के समापन समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि हम यहां भारत को खोने के लिये नहीं, खोये हुए भारत को लेने के लिये आए हैं. युवा संसद में उपस्थित युवाओं का आह्वान किया की यदि देश का युवा हुंकार भरेगा तो कश्मीर तो क्या पाकिस्तान भी भारत का अंग होगा और समय दूर नहीं जब भारत का भूगोल बदलेगा. हिन्दुस्तान की कोई सीमा सैन्य सीमा न होकर पुलिस सीमा होगी. युवा दिवस पर युवाओं से कहा कि स्वामी विवेकान्द के कदमों पर आगे बढ़ें. पश्चिम की ओर न दौड़ें, पश्चिम ने वेलैन्टाइन के रूप में भारत में हिंसा को बढ़ाया है. प्रेम को भोग और व्यापार बना दिया है.


इन्द्रेश जी ने कहा कि कश्मीर समस्या चन्द राजनैतिक परिवारों की देन है. जिन्होंने अपने फायदे के लिए वहां के लोगों को हिन्दुस्तान के खिलाफ भड़काया. आज कश्मीर का युवा मुख्यधारा से जुड़ना चाहता है. आज देश में एक लाख से अधिक कश्मीरी युवा अनेक स्थानों पर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. किन्तु किसी पर कोई हमला आज तक नहीं हुआ है. दूसरी ओर सरकार का 18 प्रतिशत खर्च कश्मीर पर होता है. उन्होंने पाक को चेतावनी दी कि वह कश्मीर का राग छोड़ दे नहीं तो क्या पता आने वाले समय में उसका नाम भी रहेगा या नहीं. पाकिस्तान अपने देश के मुसलमानों का न हो सका तो कश्मीरियों का क्या होगा. आज भी पाक में 90 लाख लोग बिना देश और जमीन के रह रहे हैं.

उन्होंने कहा कि तीन तलाक पर कानून से 8.5 करोड़ नारियों को अन्याय से मुक्ति मिली है. तीन तलाक अत्याचार और गुनाह था. 2017 इस गुनाह से मुक्ति का साल रहा. इस पर मौलानाओं और सेकुलरों ने भड़काने की कोशिश की, किन्तु वह असफल रहे.

युवा संसद में पूज्य संत स्वामी प्रज्ञानंद जी ने कहा कि युवा सत्य के चिंतन का संकल्प लें. देश और समाज के जागरण के लिये आगे बढें. युवाओं के पास पराक्रम और सामर्थ्य दोनों है. कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.के. कोठारी जी ने की. वर्ष 2018 में इस प्रकार की पांच युवा संसदों का आयोजन देश भर में किया जाएगा.