पत्र लेखन विधा के प्रति आमजनों को प्रेरित करने की आवश्यकता - श्री नरेन्द्र जी ठाकुर

दिंनाक: 16 Jan 2018 18:32:30


भोपाल(विसंके). पत्र लेखन विधा अब विलुप्त होती जा रही है, इसका स्थान अब सोशल मीडिया ने ले लिया है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग नकारात्मक विचार जल्दी पकडते हैं और सकारात्मक एवं राष्ट्रवादी विचार का उतना प्रचार प्रसार नहीं हो पाता है जितना होना चाहिए. इसलिए हमें ऐसी विचारधारा को आगे बढाना है जो राष्ट्र का विकास करे और समाज के सभी वर्गों को राष्ट्रवादी विचारधारा से जोडे. इसके लिए आवश्यक है कि नागरिक पत्रकारिता के प्रति लोग जागरुक हों इसकी विभिन्न विधाओं के लिए युवाओं को प्रशिक्षित किया जाए. उक्ताशय के विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख श्री नरेन्द्र जी ठाकुर ने रविवार को राष्ट्रोत्थान भवन स्थित विवेकानंद सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय पत्रलेखक एवं नागरिक पत्रकारिता सम्मान समारोह में मुख्य वक्ता के रुप में व्यक्त किए.

       मामा माणिकचन्द वाजपेयी स्मृति सेवा न्यास ग्वालियर के तत्वावधान में वरिष्ठ पत्रकार तथा चिंतक स्व. मामा माणिकचन्द वाजपेयी की स्मृति में आयोजित राज्य स्तरीय पत्रलेखक एवं नागरिक पत्रकारिता सम्मान समारोह एवं समसामयिक मुददों पर नागरिक पत्रकारिता की भूमिका विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीधर पराडकर जी उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यास के अध्यक्ष श्री दीपक सचेती ने की.

      कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख श्री नरेन्द्र जी ठाकुर ने कहा कि मामाजी जैसे विराट व्यक्तित्व को स्मरण करना तथा उनके सिखाए मार्ग पर चलना जीवन का सौभाग्य ही होता है तथा हर व्यक्ति को ऐसा अवसर प्राप्त नहीं होता है. मामाजी की स्मृति में पिछले 12 वर्षों से इस प्रकार की स्पर्धा आयोजित की जा रही है जो कि बहुत ही प्रशंसनीय है.

     श्री ठाकुर ने कहा कि नागरिक पत्रकारिता में पत्र लेखन तो है ही समाचार लेखन एवं सोशल मीडिया का समाज विकास में किस प्रकार उपयोग होना चाहिए, इस पर भी विचार करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि आज हर व्यक्ति सोशल मीडिया के माध्यम से पत्रकार है तथा सभी के अपने विचार हैं, लेकिन अच्छे व सकारात्मक विचारों को अधिक से अधिक प्रसारित करने की दिशा में हमें कार्य करना चाहिए.

        उन्होंने कहा कि मीडिया व समाचार पत्र में क्या प्रकाशित हो रहा है इसको लेकर पाठकों एवं दर्शकों की प्रतिक्रिया भी आनी आवश्यक है, क्योंकि पाठकों अपनी प्रतिक्रिया के माध्यम से समाचार पत्र के विचार को परिवर्तित करने में अपनी भूमिका निभा सकते हैं. इसलिए पत्र लेखन की विधा को बढाना आवश्यक है तथा जिला स्तर पर इसका प्रशिक्षण होना चाहिए.

        इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सहकार्यवाह श्री यशवंत इंदापुरकर जी, प्रांत प्रचार प्रमुख श्री ओमप्रकाश जी सिसोदिया, प्रांत सहप्रचार प्रमुख श्री विजय जी दीक्षित उपस्थित रहे. कार्यक्रम के प्रारंभ में कार्यक्रम की प्रस्तावना के बारे में कार्यक्रम संयोजक श्री सुधीर शर्मा ने जानकारी दी. कार्यक्रम का संचालन श्री राजेश वाधवानी ने किया एवं अतिथियों का आभार प्रदर्शन न्यास के सचिव श्री अतुल तारे ने किया.

व्यक्तिगत जीवन में श्रेष्ठता आवश्यक: श्री पराड़कर जी
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीधर पराडकर जी ने कबीर दास जी के दोहे से अपनी बात प्रारंभ करते हुए व्यक्ति को ऐसे कार्य करके संसार से जाना चाहिए कि लोग यह कहें कि यह व्यक्ति बहुत अच्छा था इसे अभी और रहना चाहिए था. उन्होंने कहा कि व्यक्ति को व्यक्तिगत जीवन में श्रेष्ठ होना चाहिए तथा अपनी ईश्वरदत्त प्रतिभा का समाज में प्रसार करना चाहिए.


      श्री पराडकर जी ने कहा कि पत्रकारिता में मामाजी का चरित्र बिरले ही देखने को मिलेगा, यदि मामाजी 500-700 साल पहले होते तो आज हम उनकी जीवनी श्रीकृष्ण की तरह पढ रहे होते. ऐसा व्यक्तित्व जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती है ऐसा जीवन मामाजी ने जिया है. मामाजी आज पत्रकारों के आदर्श हैं हम सबको मामाजी से प्रेरणा लेनी चाहिए.

इनका हुआ सम्मान

        मामा माणिकचन्द वाजपेयी स्मृति सेवा न्यास ग्वालियर के तत्वावधान में वरिष्ठ पत्रकार तथा चिंतक स्व. मामा माणिकचन्द वाजपेयी की स्मृति में आयोजित राज्य स्तरीय पत्रलेखक एवं नागरिक पत्रकारिता सम्मान समारोह विभिन्न प्रतियोगिताओं में पुरस्कार प्रदान किए गए.

तात्कालिक पत्र लेखनः प्रथम अमित सिंह कटियार, द्वितीय ज्योति दोहरे, तात्कालिक समाचार लेखनःप्रथम विनोद दुबे, द्वितीय गौरव बाजपेयी, पत्र लेखनःप्रथम उदयभान रजक, द्वितीय वीरेन्द्र सिंह विद्रोही, तृतीय रमेश कटारिया, सर्वश्रेष्ठ स्तम्भ लेखनः जावेद खान, सर्वश्रेष्ठ छायाकारःमनीष शर्मा, ऑनलाइन पत्र लेखकों का हुआ सम्मान.

          मामा माणिकचन्द वाजपेयी स्मृति सेवा न्यास ग्वालियर के तत्वावधान प्रथम बार ऑनलाइन सोशल मीडिया के माध्यम से पत्र लिखने वाले लेखकों की भी प्रतियेागिता आयोजित कराई गई जिसमें फेसबुक पर 50 प्रविष्टियां, टिवटर पर 26 प्रविष्टियां, यू-टूब पर 4 प्रविष्टियां एवं ब्लॉग पर 1 प्रविष्ठी एवं ईमेल पर 3 फोटो प्राप्त हुए. जिसमें टिवटर के लिए अतुल गर्ग एवं यूटयूब के लिए देवाशीष सोनी को सम्मानित किया गया.

हिन्दू गर्जना के विशेषांक का विमोचन
इस अवसर पर हिन्दू जागरण पत्रिका हिन्दू गर्जना द्वारा गुरु गोबिन्द सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में प्रकाशित विशेषांक का विमोचन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख श्री नरेन्द्र जी ठाकुर, अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीधर पराडकर जी एवं मामा माणिकचन्द वाजपेयी स्मृति सेवा न्यास के अध्यक्ष श्री दीपक सचेती जी द्वारा किया. इस विशेषांक में गुरु गोबिन्द सिंह के जीवन से जुडे प्रेरणादायी लेखों का संग्रह किया गया है. विशेषांक के विमोचन के अवसर पर पत्रिका संपादक श्री दिनेश चाकणकर, संपादक मंडल के श्री गोपाल लालवानी, डॉ. नीलम महेन्द्र एवं उमेश गुप्ता उपस्थित रहे.