विदेशियों के दिल में भी बसे हैं भगवान राम

दिंनाक: 24 Jan 2018 16:13:06


भोपाल(विसंके). भगवान राम हम सबके ही नहीं, विदेशियों के भी आदर्श हैं। राम और हनुमान की लीलाओं का गुणगान सात समंदर पार भी होता है। नई दिल्ली के कमानी आडिटोरियम में भारतीय कला संबंध परिषद की ओर से आयोजित कार्यक्रम में एशियान देशों के कलाकारों ने रामायण प्रस्तुति से भगवान राम, हनुमान और तमाम किरदारों को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भगवान राम और पवनसुत हनुमान के किरदारों को खूब सराहा। हिंदी, संस्कृत और तमिल भाषा के जरिए गीत-संगीत और नृत्य के जरिए विदेशी कलाकारों ने रामायण पर अपनी प्रस्तुति दी। दर्शकों से खचाखच भरे सभागार में हर कोई कलाकरों में भगवान राम, हनुमान और रामायण के अन्य किरदारों में भगवान का दर्शन कर रहा था। कार्यक्रम में भाग लेने थाईलैंड, म्यामार, लाओ, मलेशिया, इंडोनेशिया, ब्रनेई, सिंगापुर, कंबोडिया और वियतनाम देशों के कलाकार आए हुए हैं। सीता हरण को देखकर दर्शकों की आंखों में आंसू आ गए। हनुमान का सजीव किरदार देखकर दर्शक भाव-विहोर हो गए। दर्शक जय जय हनुमान, जय जय श्री राम का उद्घोष करने लगे। इसके बाद रावण और उसके असुर दलों के साथ मल्ल युद्ध के मंचन पर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। कंबोडिया संस्कृति और ललित कला मंत्रालय की ओर से आए कलाकारों ने रेमके रामायण का चित्रण किया। इसमें भी रामायण के तमाम दृश्यों का जीवंत मंचन किया गया। कार्यक्रम के अंत में वियतनाम से आए चाम ट्रेडिशनल आर्ट ग्रुप ने प्रस्तुति दी। यहां आए कलाकारों ने बताया कि भगवान राम से उन्हें प्रेरणा मिलती है। लोगों में शक्ति भरने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की लीलाओं का मंचन करने से उन्हें सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।


साभार:-नोएडा (प्रेरणा ब्यूरो)