‘‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 50वॉ स्वर्ण जयंती प्रांत अधिवेशन का द्वितीय दिवस’’

दिंनाक: 29 Jan 2018 18:02:32


भोपाल(विसंके). ‘‘विद्यार्थियों ने निकाली शोभायात्रा एवं राजधानी में देखी गई छात्र शक्ति’’ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निरंतर छात्रों के हित के लिए मंथन करता आया है इसी के निमित्त राजा भोज की नगरी भोपाल में 50वॉ स्वर्ण जयंती प्रांत अधिवेशन आयोजित किया गया. जिसके दूसरे दिन के प्रथम सत्र की शुरूआत अभाविप राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री सुनील अम्बेडकर के वक्तव्य से हुई, जिसमे उन्होनें भारत के बदलते परिवेश में युवाओं की भूमिका व उनकी महत्वाकांक्षाओं के स्वरूप का वर्णन किया साथ ही साथ उन्होंने बदलते भारत के परिवेश की रूपरेखा को विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया जिससे आज के युवा वर्तमान में बदलते परिवेश में अपनी भूमिका को समझें और देशहित में अपने दायित्वों का भलिभांति निर्वहन करें.
इसके साथ ही श्री अम्बेडकर जी ने केरल में अभाविप एवं संघ कार्यकर्ताओं पर हो रही हिंसा को लेकर सवाल उठाये तत्पश्चात कार्यक्रम स्थल से शोभायात्रा निकाली गई, जो पॉलिटेक्निक चौराहा, रोशनपुरा चौराहा, तात्याटोपे चौराहा, रंगमहल चौराहा होते हुए रोशनपुरा चौराहे पर पहुची, जहां परिषद के खुले अधिवेशन का आयोजन किया गया जिसमें मंच संचालन करते हुए अभाविप के नगर महामंत्री अजय पाटीदार ने सोनकच्च देवास जिले के शहीद श्रीनिलेश धाकड जी जो कुपवाड़ा जम्मू-कश्मीर में पिछले माह 5 दिसम्बर 2017 को वीरगति को प्राप्त हुऐ उनके परिवार जनों का सम्मान प्रांत अध्यक्ष दीपक पालीवाल, प्रांतमंत्री बंटी चौहान द्वारा किया. इसके पश्चात देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय की छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक पालीवाल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण को समझा जाये और राष्ट्र निर्माण के लिए महिलाओ को प्रथम स्थान पर रखा जाए. रानी लक्ष्मी बाई, सरोजनी नायडू आदि महिला सशक्तिकरण को आगे बडाया है. अभाविप ने छात्रसंघ चुनाव मे महिलाओ को 50 प्रतिशत आरक्षण दिलवाया हैं. प्रांतमंत्री बंटी चौहान ने कहा म.प्र. सरकार ने 70 प्रतिशत वाले छात्रों को नि:शुल्क पढाई का प्रस्ताव पास किया. उन्होने कहा कि सभी छात्र संघ पदाधिकारियों को उनका अधिकार मिलना चाहिये. गुरूकुल शिक्षा पद्धति के वातावरण का स्वरूप हमारे सामने होना चाहिए. विश्वविद्यालय संयोजक श्री रोहिनराय जी ने कहा कि इस देश को कहां लेकर जाना है यह हमें विचार करना होगा. कोई कहता है कि भारत को युरोप बनाओं, कोई कहता है भारत को चाइना बनाओं परंतु अभाविप यह कहता है की प्राचीन संस्कृति एवं सभ्यता को पुनः जागृत किया जाये. इनके अतिरिक्त मंचस्थ वक्ताओं श्री सचिन पाठक, श्री राकेश सहरिया एवं श्रीमान सिंह भूरिया ने अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया. इसके पश्चात रात्रि में सांस्कृति कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. जिसमें सुभाषचन्द्र बोस जी के प्रपौत्र एवं समाज सेवक चन्द्रकुमार बोस मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.