आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 10 Oct 2018 14:17:02


मुझे सत्य का पालन करना पसंद है; बल्कि, मैंने औरों को उनके अपने भले के लिए सत्य से प्रेम करने और मिथ्या को त्यागने के लिए राजी करने को अपना कर्त्तव्य बना लिया है. अतः अधर्म का अंत मेरे जीवन का उदेश्य है.

  • स्वामी दयानंद सरस्वती