कला मनुष्य के सृजन का आधार है - प्रो.भारद्वाज

दिंनाक: 12 Oct 2018 16:31:35


भोपाल(विसंके). राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सभागार मे काव्य, कला एवं कौशल का दो दिवसीय उत्सव शंखनाद प्रारंभ हुआ! उत्सव का विधिवत उद्घाटन प्रो. रामदेव भारद्वाज कुलपति, अटल विहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के मुख्य आतिथ्य एवं आर जी पी व्ही  के कुलपति प्रो. सुनील कुमार की अध्यक्षता मे हुआ ।


उद्घाटन कार्यक्रम के प्रारंभ मे शंखनाद की प्रस्तावना डॉ. संजीव शर्मा ने रखी तत्पश्चात डॉ. नोईन खलीक ने यू.आई.टी.आर जी पी व्ही के विद्यार्थियो की काव्य, कला, एवं संस्कृति से जुडी मौलिक रचनाओं के प्रकाशन हेतु अर्धवार्षिक पत्रिका “अक्षर” की प्रस्तावना  प्रस्तुत की आगामी समय मे इस पत्रिका का  प्रकाशन होगा ।


इस अवसर पर उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए प्रो. रामदेव भारद्वाज ने कहा कि नाद से सभी की उत्पति हुई है स्वर,व्यंजन एवं सभी भाषाओ की उत्पति के मूल्य मे नाद है । ज्ञान- विज्ञान ,प्रथ्वी से ब्रम्हांड एवं तकनीकी मे सुधार यह सब बिंदु की अभिव्यक्ति से ही हुआ है यानि सब कुछ बिंदु एवं नाद मे ही निहित है। मनुष्य के चित्त  की अभिव्यक्ति भी बिंदु से प्रारंभ होती है । उन्होंने कहा की विषय के अधयन्न से व्यक्तिव का विकास केवल पाठ्यक्रम के आधार पर होता है किन्तु व्यक्तिव का निखार कला,संगीत, काव्य, साहित्य एवं दर्शन के द्वारा होता है। कला मनुष्य के सृजन का आधार है।

अध्यक्षता करते हुए प्रो. सुनील कुमार ने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों को युवाओ मे प्रतिस्थापित करने का प्रयास  शंखनाद उत्सव द्वारा किया जा रहा है वस्तुत : कला एवं कौशल मनुष्य के जीवन का अभिन्न अंग होते है तकनीकी शिक्षा के अधयन्न के साथ युवा अपनी संस्कृति एवं जीवन मूल्यों को जाने यह जरुरी है उन्होंने कहा की प्रत्येक व्यक्ति मे प्रतिभा होती है यदि उसे उचित मंच एवं अवसर मिल जाये तो वह और निखर जाती है।