आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 24 Oct 2018 14:27:29


जिस व्यवस्था में आर्थिक क्षमता तो बढ़े, किन्तु मानवता के अन्य अंगों के विकास की शक्ति कुंठित हो जाय, वह कल्याणकारी नहीं हो सकती | मानव ही हमारी व्यवस्था का केंद्र होना चाहिए |

                                                 - पं. दीनदयाल उपाध्याय