आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 25 Oct 2018 17:12:05


मर्यादाओं के अंतर्गत क्रिया का नाम संयम है | भूखा मरना संयम नहीं; अपितु शरीर की आवश्यकता के अनुरूप गुण और मात्र में भोजन करना संयम है | बिलकुल ना बोलना, यहाँ तक की अत्याचारों के विरुद्ध आवाज भी ना उठाना अथवा किसी को सत्परामर्श भी ना देना , संयम नहीं | वाचाल और गूंगे के बीच संयमी पुरुष आता है, जो आवश्यकता पढने पर बोलता है और अवश्य बोलता है |                                                


 

- पं. दीनदयाल उपाध्याय