आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 04 Oct 2018 15:46:54


यदि मैं एक तानाशाह होता तो धर्म और राष्ट्र अलग - अलग होते । मैं धर्म के लिए जान तक दे दूंगा । लेकिन यह मेरा निजी मामला है । राज्य का इससे कुछ लेना देना नहीं है । राष्ट्र धर्मनिरपेक्ष कल्याण, स्वास्थ्य, संचार, विदेशी संबंधो, मुद्रा इत्यादि का ध्यान रखेगा, लेकिन मेरे या आपके धर्म का नहीं । वो सबका निजी मामला है

- लाल बहादुर शास्त्री