आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 17 Nov 2018 13:26:57


दुनियावादी चीजों में सुख की तलाश, फिजूल होती है। आनन्‍द का खजाना, तो कहीं हमारे भीतर ही है।


- स्‍वामी रामतीर्थ