आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 23 Nov 2018 15:22:35


“वह सब कुछ है लेकिन भगवान केवल एक ही है. उसका नाम सत्य है, रचनात्मकता उसकी शख्सियत है और अनश्वर ही उसका स्वरुप है. जिसमे जरा भी डर नही, जो द्वेष भाव से पराया है. गुरु की दया से ही इसे प्राप्त किया जा सकता है.”


                                                            -   श्री गुरुनानक देव