आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 24 Nov 2018 14:54:45


सन्यास तपस्वी के वस्त्रों में या उनके जैसे रहने में नहीं है. सन्यास केवल शब्दों में भी नहीं है | संन्यासी वह  है, जो हर किसी के साथ समान व्यवहार करता है. अशुद्धता के बीच शुद्ध रहना ही सन्यास है


                                      -   श्री गुरुनानक देव